पश्चिम चंपारण जिले में लोक आंदोलन न्यास के बैनर तले अपनी आठ सूत्रीय मांगों को लेकर आमरण अनशन पर बैठी कल्पना इनामदार का वजन पांच किलो कम हो गया है। बावजूद इसके, वे अपने संकल्प पर अडिग हैं और अनशन जारी रखे हुए हैं। अनशन का आज लगातार आठवां दिन है, लेकिन अब तक प्रशासनिक स्तर पर कोई ठोस पहल नहीं हुई है। मंगलवार की देर शाम नरकटियागंज के एसडीओ सूर्य प्रकाश के नेतृत्व में प्रशासनिक टीम उनकी मेडिकल जांच के लिए भितिहरवा आश्रम पहुंची। हालांकि जांच के दौरान सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गई सारी मेडिकल मशीनें खराब पाई गईं, जिससे प्रशासन की लापरवाही उजागर हो गई।
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स्वास्थ्य गिरने के बावजूद भी संघर्ष जारी
कल्पना इनामदार की स्वास्थ्य स्थिति लगातार गिरती जा रही है। लोक आंदोलन न्यास के सहयोगी तरुण उप्पल ने बताया कि कल्पना का वजन अब तक पांच किलो कम हो चुका है। प्रशासन की नाकामी को देखते हुए लोक आंदोलन न्यास की टीम ने स्वयं ब्लड प्रेशर मशीन, ऑक्सीमीटर और वजन नापने की मशीन से उनकी जांच की। इस बीच कल्पना से मिलने के लिए आसपास के कई गांवों से बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। महिलाएं और पुरुष उनके समर्थन में खुलकर सामने आ रहे हैं और सरकार पर दबाव बनाने की मांग कर रहे हैं।
क्या हैं कल्पना इनामदार की आठ सूत्रीय मांगें?
विदित हो कि कल्पना इनामदार बिहार में व्यवस्था परिवर्तन और विकास कार्यों में पारदर्शिता लाने की मांग कर रही हैं। उनकी प्रमुख मांगों में से एक प्रधानमंत्री के पर्यवेक्षण में ‘बिहार विकास समिति’ का गठन करना है। कल्पना इनामदार का कहना है कि जब तक सरकार उनकी मांगों को नहीं मानती, तब तक वे अपना अनशन खत्म नहीं करेंगी। उन्होंने प्रशासन पर अनदेखी और टालमटोल की नीति अपनाने का भी आरोप लगाया है।
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राजनीतिक हलचल शुरू, जनप्रतिनिधियों का दौरा जारी
कल्पना इनामदार के अनशन को अब राजनीतिक समर्थन भी मिलने लगा है। कई जनप्रतिनिधि उनसे मिलने के लिए पहुंच रहे हैं और आंदोलन का समर्थन कर रहे हैं। हालांकि प्रशासन अभी भी कोई ठोस आश्वासन देने से बचता नजर आ रहा है। सवाल यह उठता है कि क्या सरकार कल्पना इनामदार की मांगों पर ध्यान देगी, या यह आंदोलन भी अन्य जन आंदोलनों की तरह उपेक्षा का शिकार होगा?