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Bihar News: समग्र शिक्षा राशि के उपयोग में लापरवाही, 192 विद्यालयों से जवाब-तलब; क्यों बनी यह स्थिति?

Tue, 06 Jan 2026 07:49 AM IST
तिरहुत-मुजफ्फरपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पश्चिम चंपारण

सार

पश्चिम चंपारण जिले में समग्र शिक्षा योजना की राशि के उपयोग में भारी लापरवाही सामने आई है। शैक्षणिक सत्र 2025–26 में 192 विद्यालय अब तक 50 प्रतिशत भी राशि खर्च नहीं कर सके, जिस पर शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्टीकरण तलब किया है।
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परियोजना पश्चिमी चंपारण - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बिहार के पश्चिम चंपारण जिले में शिक्षा के नाम पर मिलने वाली सरकारी राशि के उपयोग में गंभीर लापरवाही सामने आई है। शैक्षणिक सत्र 2025-26 के तहत समग्र शिक्षा मद में आवंटित धनराशि का 50 प्रतिशत भी जिले के 192 विद्यालय अब तक खर्च नहीं कर सके हैं, जबकि सत्र की तीन तिमाहियां पूरी हो चुकी हैं और चौथी तिमाही की शुरुआत हो चुकी है।

इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) ने संबंधित विद्यालयों के साथ-साथ सीआरसी समन्वयकों से भी स्पष्टीकरण तलब किया है। डीईओ कार्यालय से जारी पत्र में कहा गया है कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के अंतर्गत समग्र शिक्षा योजना की राशि विभिन्न मदों में खर्च करने के लिए ड्राइंग लिमिट पहले ही निर्धारित कर दी गई थी।

पत्र में उल्लेख किया गया है कि राशि आवंटन के करीब ढाई माह बीत जाने के बावजूद 192 विद्यालयों में 50 प्रतिशत से भी कम राशि का उपयोग किया जाना विभाग के लिए गंभीर चिंता का विषय है। डीईओ ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि समय पर राशि का उपयोग न करना मनमानी, कार्य के प्रति लापरवाही, अनुशासनहीनता और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा में बाधा को दर्शाता है।

शिक्षा विभाग ने सीआरसी समन्वयकों को निर्देश दिए

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उन्होंने यह भी चेतावनी दी है कि निर्धारित समयसीमा में राशि खर्च नहीं होने से दुरुपयोग की आशंका बढ़ जाती है, जिसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। शिक्षा विभाग ने सीआरसी समन्वयकों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्र के विद्यालयों की गहन समीक्षा करें और 10 जनवरी तक जारी ड्राइंग लिमिट के विरुद्ध कम से कम 75 प्रतिशत राशि का व्यय सुनिश्चित कराएं।

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साथ ही विद्यालयों से यह स्पष्ट करने को कहा गया है कि निर्धारित समयसीमा में राशि खर्च क्यों नहीं की गई। विभाग का मानना है कि समग्र शिक्षा योजना के तहत मिलने वाली राशि विद्यालयों के बुनियादी ढांचे, शैक्षणिक गतिविधियों और विद्यार्थियों की सुविधाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। समय पर राशि का उपयोग न होना सीधे तौर पर विद्यार्थियों के भविष्य से खिलवाड़ है।

शिक्षा विभाग ने साफ संकेत दिए हैं कि यदि इस तरह की लापरवाही आगे भी जारी रही, तो जिम्मेदार विद्यालयों और अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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