बेतिया में नाबालिग लड़की से दुष्कर्म मामले में आरोपी शख्स को 20 साल की सजा सुनाई गई है। साथ ही आरोपी पर अर्थदंड भी लगाया गया है। मामले सुनवाई पूरी करते हुए पॉक्सो अदालत के विशेष न्यायाधीश जावेद आलम ने कांड के नामजद आरोपी उमेश यादव (43) को दोषी पाते हुए 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही उसे 20 हजार रुपये जुर्माना भरने का भी आदेश दिया है।
पॉक्सो एक्ट के विशेष लोक अभियोजक जयशंकर तिवारी ने बताया कि घटना साल 2023 की है। इस वाद की सुनवाई स्पीड ट्रायल के तहत की गई है। उन्होंने बताया कि सात मार्च 2023 के दिन पीड़िता अपनी मां के साथ जंगल में लकड़ी चुनने गई हुई थी। साथ ही आरोपी भी लकड़ी चुनने जंगल गया हुआ था। जब पीड़िता को भूख लगी तो आरोपी ने उसकी मां को अपने विश्वास में लेकर पीड़िता को खाना खिलाने के बहाने गांव की तरफ जंगल में ले गया। फिर बालिका से दुष्कर्म कर उसे घायल कर दिया, जिससे वह बेहोश हो गई। इसके बाद आरोपी बुरी तरह घबरा गया और वह नदी से पानी लाया। फिर पानी के छींटे बालिका के ऊपर मारे तो वह होश में आई, जिसके बाद आरोपी भाग गया। वहीं, पीड़िता इस घटना के बाद घर पहुंची और सारी आपबीती अपनी मां को सुनाई। उसके बाद पीड़िता की मां ने बगहा महिला थाने में आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी।
वहीं, पीड़िता को प्रतिकर अधिनियम के तहत छह लाख रुपये सहायता स्वरूप मुआवजा राशि देने का आदेश न्यायधीश ने दिया है। सजायाफ्ता आरोपी बगहा के पटखौली थाना क्षेत्र के एक गांव का रहने वाला है।