बिहार के मुजफ्फरपुर बालिका गृह मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के हाथ बड़ी सफलता लगी है। सीबीआई ने मंगलवार को एनजीओ का संचालन करने वाली मधु को गिरफ्तार कर लिया।
समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, सीबीआई अधिकारियों ने कहा कि पूछताछ के दौरान उन्हे पता चला कि मधु बच्चों को सेक्स कैसे करते हैं, यह सिखाने में शामिल थी। बता दें कि मधु को मामले के मुख्य आरोपी बृजेश ठाकुर की करीबी सहयोगी बताया जाता है।
मधु ने पूछताछ के दौरान कहा कि बालिका गृह में जो कुछ हुआ, उसके बारे में उसे कोई जानकारी नहीं थी। सीबीआई ने इस मामले में एक अन्य आरोपी डॉक्टर अश्विनी कुमार को भी कुधनी क्षेत्र से गिरफ्तार किया है। बता दें कि वह एक डॉक्टर है जो कथित रूप से नाबालिग लड़कियों को नशे के इंजेक्शन दिया करता था।
उल्लेखनीय है कि इससे पहले इस मामले में जांच के दौरान दर्ज आर्म एक्ट केस में गिरफ्तारी से बचने के प्रयास में फरार चल रही बिहार की पूर्व मंत्री मंजू वर्मा ने बेगूसराय की एक अदालत में मंगलवार को आत्मसमर्पण किया। पूर्व मंत्री ने बड़े ही नाटकीय अंदाज में बुरका पहनकर एक ऑटो से मझौल अनुमंडल न्यायालय पहुंची और न्यायाधीश के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। कोर्ट ने मंजू वर्मा को 11 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। मालूम हो कि मंजू वर्मा के पति चंद्रशेखर वर्मा भी अवैध हथियार रखने के मामले में जेल में बंद हैं।
मंजू वर्मा की गिरफ्तारी को लेकर सरकार विपक्ष और कोर्ट के निशाने पर थी। सुप्रीम कोर्ट ने भी मंजू वर्मा की नहीं होने को लेकर बिहार सरकार को फटकार लगाई थी। वैसे मंजू वर्मा की गिरफ्तारी के लिए पुलिस बिहार समेत देश के अन्य इलाकों में भी उनके कई ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही थी, लेकिन अंत तक पुलिस उन्हें नहीं खोज पाई। वैसे पूर्व मंत्री मंजू वर्मा के आत्मसमर्पण के बाद पुलिस मुख्यालय ने सफाई दी है। एडीजी एस. के. सिंघल ने कहा है कि पुलिस के दबाव में मंजू वर्मा ने आत्मसमर्पण किया है। पुलिस अब मंजू वर्मा की अचल संपत्ति और बैंक एकाउंट जब्त करने वाली थी, शायद इसी से डरकर उन्होंने आत्मसमर्पण किया है।
उल्लेखनीय है कि मुजफ्फरपुर बालिका गृह मामले में 29 बच्चियों के साथ यौन उत्पीड़न की सनसनीखेज घटना के खुलासे के बाद बिहार सहित पूरे देश में इस घटना की चर्चा हुई थी।