तेजस्वी यादव, नीतीश कुमार (फाइल फोटो)
मुजफ्फरपुर में मतदान से ठीक पहले शेल्टर होम मामला नीतीश विरोधियों के लिए मारक हथियार बन गया है। सुप्रीम कोर्ट में शुक्रवार को दाखिल सीबीआई के हलफनामे पर बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने ट्वीट कर कहा कि नीतीश कुमार बालिका गृह कांड में पूरी तरह से बेपर्दा हो गए हैं। आरोप लगाया, नीतीश के अति करीबी ब्रजेश ठाकुर ने 11 बच्चियों को मारकर गाड़ दिया। हिंदू रीति से दाह-संस्कार भी नहीं किया। बाकी बच्चियां अभी भी गायब हैं।
इस बीच जदयू के प्रदेश अध्यक्ष ने सरकार की सक्रियता और मामले की गंभीर जांच का हवाला देते हुए दावा किया कि कोई भी गुनहगार बच नहीं सकता है। कानून अपना काम कर रहा है और सच्चाई जांच में उजागर हो रही है। विपक्ष के पास कहने को बचा कुछ नहीं है, क्योंकि विपक्ष भी मान रहा है कि जांच सही दिशा में हो रही है।
मालूम हो कि सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट में मुजफ्फरपुर शेल्टर होम केस में शुक्रवार को 30 पेज का हलफनामा पेश किया है। उस हलफनामे में सीबीआई ने कहा है कि मुजफ्फरपुर आश्रय गृह यौन उत्पीड़न मामले के मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर और उसके सहयोगियों ने 11 लड़कियों की कथित रूप से हत्या की थी और एक श्मशान घाट से हड्डियों की पोटली बरामद हुई है। एजेंसी ने कहा कि एक आरोपी की निशानदेही पर एक श्मशान घाट से हड्डियों की पोटली बरामद हुई है। वैसे इसकी फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट आनी बाकी है।
यह है मामला
बिहार के मुजफ्फरपुर में एक एनजीओ द्वारा संचालित आश्रय गृह में कई लड़कियों से कथित रूप से दुष्कर्म और यौन उत्पीड़न किया गया था और टाटा सामाजिक विज्ञान संस्थान की रिपोर्ट के बाद यह मुद्दा उछला था। इस मामले की जांच सीबीआई को स्थानांतरित की गई थी और एजेंसी ने ब्रजेश ठाकुर सहित 21 लोगों के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया था।
सीबीआई ने कहा कि जांच के दौरान, जांच अधिकारियों और राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य एवं न्यूरो विज्ञान संस्थान द्वारा दर्ज पीड़ितों के बयान में 11 लड़कियों के नाम सामने आए हैं जिनकी आरोपी ब्रजेश और उसके सहयोगियों ने कथित रूप से हत्या कर दी थी।