फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Satta Ka Sangram: कांग्रेस नेता बोले- बीजेपी के पास मंदिर-मस्जिद और मंगलसूत्र के अलावा कुछ नहीं, हुई तीखी बहस

Thu, 09 May 2024 06:11 PM IST
अरविंद कुमार न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, बेगूसराय

सार

अमर उजाला का चुनावी रथ सत्ता का संग्राम गुरुवार यानी नौ मई को बिहार के बेगूसराय जिले में पहुंचा। यहां सुबह चाय पर चर्चा की गई। दोपहर में युवाओं से उनके मुद्दे जाने गए और फिर शाम को राजनीतिक दलों से गरमागरम बहस हुई।
विज्ञापन
सत्ता का संग्राम - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

अमर उजाला का चुनावी रथ सत्ता का संग्राम गुरुवार को बिहार में बेगूसराय लोकसभा सीट पर रहा। यहां सुबह आमजन से चाय पर चर्चा करते हुए उनके मुद्दे जाने गए और दोपहर में युवाओं से चर्चा की गई। चाय पर चर्चा के दौरान लोगों ने खुलकर अपनी बात सामने रखी। वहीं, युवाओं ने शिक्षा, सड़क और बेरोजगारी पर अपनी राय व्यक्त की। साथ ही शाम को राजनीतिक दलों के नेताओं से चुनावी चर्चा की गई।

विज्ञापन




राजनीतिक दलों से चर्चा के दौरान सभी दलों के नेताओं ने एक दूसरे पर आरोप लगाते हुए विकास की बात कही। साथ ही शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार पर बढ़ावा देने की बात कही।

ऐसी है बेगूसराय लोकसभा सीट की स्थिति
बिहार का लेनिनग्राद माना जाने वाला बेगूसराय इस चुनाव में देश की हॉट सीटों में से एक है। इस चुनाव में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) ने महागठबंधन के साझा उम्मीदवार के तौर पर पूर्व विधायक अवधेश राय को चुनाव मैदान में उतारा है।
विज्ञापन


वहीं, भाजपा ने अपने फायरब्रांड नेता और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह पर एक बार फिर दांव लगाया है। यह भूमिहार बाहुल्य सीट है। गिरिराज सिंह भूमिहार जाति से आते हैं, जबकि अवधेश राय यादव जाति से आते हैं। दोनों प्रत्याशी इस सीट पर कब्जा जमाने के लिए कठिन परिश्रम कर रहे हैं।

राजनीतिक दलों से चर्चा में क्या बोले नेता
नेता ने कहा, लोकतांत्रिक और जनतांत्रिक मुद्दे को बनाए रखने के लिए हम चुनाव मैदान में हैं। हम रोजगार सहित अन्य विकास की बात करते हैं। हम कभी उलूल-जूलूल बात नहीं करते हैं। नेता ने कहा, हमारा मुख्य मुद्दा है संविधान बचाने का और नौजवानों को नौकरी देने का। आज मंहगाई चरम पर है, जो लोग पहले गैस सिलेंडर लेकर ढोया करते थे, उनको क्या पता मुद्दा क्या है। जो लोग मुद्दा विहीन हैं, उनसे पूछिए उनका मुद्दा क्या है। उनके में ये क्षमता नहीं है कि वे अपने मेनीफेस्टो में मुद्दे की बात कर सकें, केवल मंदिर-मस्जिद और मंगलसूत्र के अलावा।

एक बुजुर्ग नेता ने कहा, मुद्दे पर बात और वोट दोनों होता है। आज अगर विकास हुआ है तो वह सभी के लिए हुआ है। सरकार रोजगार देने की बात कर रही है, लेकिन सरकार थम ही नहीं रही है, इसमें हमारी और आपकी चाल की वजह से, यदि सरकार थम जाए तो सब कुछ संभव है। एक नेता ने कहा, बीजेपी सरकार आने से बेगूसराय में खूब विकास हो रहा है। वहीं, महिला नेत्री ने कहा, मोदी सरकार में महिलाओं को खूब सम्मान मिला है। विपक्ष के लोग कुछ भी कह लें, लेकिन विकास हो रहा है, जिस समय बीजेपी महंगाई की बात किया करती थी, क्या उस समय किसी के हाथ में पचास हजार की मोबाइल रहती थी। लेकिन आज छोटे से लेकर बुजुर्ग तक सभी 20 हजार से ऊपर की मोबाइल चलाती हैं, तो कहां महंगाई है।

लोगों को हर पहलू को देखना चाहिए, भारत का नाम विदेश तक जा रहा है। सीपीआई का गढ़ पूरे बिहार में था। लेकिन उस समय का राज देखें कैसा था समय। जब लालू यादव की सरकार थी, उस समय घर पर कापी ले आइए और लिखकर दे दीजिए और पास हो जाइए। तब मुर्ख बनाओ और राज करो का शासन था, लेकिन अब जनता जाग चुकी है और समझ रही है कि हमें किसे शासन देना है। बेगूसराय के लोग खुशनसीब हैं कि यहां के सांसद केंद्रीय मंत्री हैं। नेता ने कहा, कर्नाटक के रेपिस्ट को सम्मान हमारे प्रधानमंत्री दे रहे हैं। उनके सम्मान में बीजेपी वाले कुछ भी नहीं बोल रहे। महिलाओं की बात करने वाली बीजेपी उस महिला के सम्मान को किस दृष्टि से देखती है। 

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें