लखीसराय जिले में किसानों ने प्रशासनिक उदासीनता और बुनियादी सुविधाओं की उपेक्षा के खिलाफ बेहद अनोखे तरीके से अपना विरोध जताया। जिले के बड़हिया प्रखंड स्थित गिरधर से मनोहरपुर तक की जर्जर सड़क को लेकर नाराज किसानों ने इस बार परंपरागत धरने या ज्ञापन देने की जगह सड़क को ही खेत बना डाला। उन्होंने सड़क के गड्ढों और कीचड़ से भरी जमीन पर धान की रोपाई कर दी, ताकि यह दिखाया जा सके कि यह सड़क नहीं, बल्कि दलदल बन चुकी है।
विरोध का अनोखा तरीका बना सुर्खियां
सड़क पर रोपनी करते किसानों का यह दृश्य जहां एक ओर प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के प्रति गुस्से को दिखाता है, वहीं दूसरी ओर उनके जमीनी संघर्ष और व्यंग्यपूर्ण संदेश को भी उजागर करता है। किसानों ने बताया कि बरसात आते ही यह सड़क पूरी तरह कीचड़ में तब्दील हो जाती है। मोटरसाइकिल से चलना तो दूर, पैदल चलना भी दूभर हो जाता है। कई बार छोटे बच्चों और गर्भवती महिलाओं को लेकर अस्पताल पहुंचना कठिन हो जाता है।
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स्थानीय किसान रामलखन महतो ने कहा कि हमलोग कई वर्षों से इस सड़क के निर्माण की मांग करते आ रहे हैं। अधिकारियों से मिलकर गुहार लगाई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इसलिए अब हमने सोचा कि जब सरकार इसे सड़क नहीं बना रही है, तो हम इसे खेत ही बना दें।
सड़क या खेत?, प्रशासन पर तंज कसते किसान
प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन को व्यंग्यात्मक अंदाज में संदेश दिया कि यह सड़क अब सड़क न रहकर खेत बन चुकी है, इसलिए इस पर खेती की जा रही है। कीचड़ से भरे गड्ढों में जब किसानों ने धान की रोपाई शुरू की, तो वहां से गुजरने वाले राहगीर भी कुछ देर के लिए रुक गए और इस विरोध के तरीके को सराहा। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जब तक सड़क निर्माण की ठोस घोषणा और समयसीमा नहीं दी जाएगी, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
कांग्रेस नेता ने किया प्रदर्शन का समर्थन
इस मौके पर कांग्रेस के जिला अध्यक्ष अमरेश कुमार अनीश ने भी किसानों के इस अनोखे विरोध का समर्थन करते हुए राज्य सरकार और उपमुख्यमंत्री पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यह इलाका उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा के विधानसभा क्षेत्र में आता है, लेकिन यहां की जनता आज भी सड़क जैसी बुनियादी सुविधा से वंचित है। उन्होंने कहा कि उपमुख्यमंत्री भाषण देने और विपक्ष पर हमला करने में तो माहिर हैं, लेकिन अपने ही क्षेत्र की समस्याओं को नजरअंदाज कर रहे हैं। क्या यही है सुशासन की असली तस्वीर?
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बुनियादी सुविधाओं से कोसों दूर ग्रामीण क्षेत्र
गिरधर से मनोहरपुर तक का यह मार्ग न सिर्फ बड़हिया प्रखंड की बड़ी आबादी को जोड़ता है, बल्कि यह एक प्रमुख संपर्क मार्ग भी है। खराब सड़क की वजह से स्थानीय किसान, छात्र, मजदूर और छोटे दुकानदार रोजाना परेशानियों का सामना कर रहे हैं। यहां न तो जल निकासी की उचित व्यवस्था है, न ही सड़क मरम्मत की कोई पहल नजर आती है।