राज्य की सुरक्षा में तैनात जवान अगर खुद असुरक्षित हो जाए, तो यह न केवल विभागीय व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है, बल्कि पूरे सिस्टम की कार्यप्रणाली को कटघरे में ला खड़ा करता है। ऐसा ही एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है मुंगेर जिले के जमालपुर से, जहां बीएसएपी-9 में पदस्थापित एक जवान संतोष कुमार को हथियार के बल पर अगवा कर रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया गया। आरोप है कि यह साजिश उसी के विभाग के लोगों द्वारा रची गई थी, जो ड्यूटी को लेकर आपसी विवाद में उलझे हुए थे।
हथियार सटाकर किया अगवा, पटरी पर मौत के लिए छोड़ा
पीड़ित जवान संतोष कुमार, जहानाबाद जिले के निवासी हैं और बीएसएपी-9 जमालपुर में मुंशी के पद पर तैनात हैं। उन्होंने बताया कि रविवार की रात वह बाजार से पूजा की सामग्री लेकर लौट रहे थे। इसी दौरान दौलतपुर दुर्गा मंदिर के पास दो अज्ञात लोग आए और कनपटी पर हथियार सटाकर उन्हें आगे चलने को कहा। कुछ ही देर में चार-पांच और लोग आ गए। इसके बाद आंख-मुंह पर पट्टी बांध दी गई, दोनों हाथों को पीछे की ओर जंजीर से बांधकर ताला जड़ दिया गया और पैरों को भी रस्सी से कस दिया गया। इन हमलावरों ने जबरन उन्हें थोड़ी दूर चलाया और फिर जमालपुर-मुंगेर रेल ट्रैक पर फेंक कर भाग गए। संतोष जब तक कुछ समझ पाते, खुद को मौत के बिल्कुल करीब महसूस करने लगे।
यह भी पढ़ें- पूर्णिया टेटगामा नरसंहार: एक और आरोपी गिरफ्तार, पीड़ित परिवार से मिले कांग्रेस नेता; राहुल गांधी ने जताया दुख
स्थानीय लोगों की सूझबूझ और 112 की तत्परता से बची जान
रेल ट्रैक पर अचेत अवस्था में पड़े संतोष कुमार को स्थानीय लोगों ने देखा, तो डायल 112 पर तुरंत सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और जवान की आंख, पैर और हाथ की पट्टियां व जंजीर खोलकर उन्हें थाना ले गई। इसके बाद जवान को बीएसएपी-9 परिसर लाया गया, जहां अधिकारियों की मौजूदगी में हाथ की जंजीर को तोड़ा गया और पूरी घटना की जानकारी समादेष्टा को दी गई। रात में ही जवान को उसके घर पहुंचा दिया गया।
‘विभाग के ही 12 नामजद और छह अज्ञात शामिल’
जमालपुर थाना में दिए गए लिखित आवेदन में संतोष कुमार ने स्पष्ट रूप से आरोप लगाया है कि विभाग के ही कुछ लोग उनकी जान लेना चाहते हैं। उन्होंने जिन लोगों के नाम बताए हैं, उनमें प्रमोद राम, सिकंदर दास, मोहम्मद वसीम, राहुल कुमार, निरंजन कुमार, सुमन कुमार, अजीत कुमार सिंह, सुदामा गुप्ता, निर्भय कुमार, चिंटू कुमार, गोपाल सिंह, प्रदीप कुमार उरांव सहित छह अज्ञात शामिल हैं। संतोष ने बताया कि कार्यालय में ड्यूटी लगाने को लेकर उनका कई लोगों से विवाद चल रहा था और यह हमला उसी की कड़ी है।
यह भी पढ़ें- Bihar News: भ्रष्टाचार के मामले में रोजगार सेवक की सरेआम पिटाई का वीडियो सामने आया, डीएम ने दिए जांच के आदेश
डीएसपी स्तर के अधिकारी को सौंपी गई जांच
जमालपुर थानाध्यक्ष राजेश कुमार ने पुष्टि कर बताया कि पीड़ित जवान का आवेदन प्राप्त हुआ है। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर एक डीएसपी रैंक के अधिकारी को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है।