देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की पत्रिका ‘सेवा समर्पण’ के लोकार्पण कार्यक्रम में खगड़िया के संजीव डोम का जिक्र किया, तो यह नाम पूरे देश में चर्चा का विषय बन गया। उन्होंने संजीव डोम के कार्यों को न केवल सराहा, बल्कि समाज में बदलाव के उनके प्रयासों की भी प्रशंसा की। रक्षा मंत्री का यह वक्तव्य वायरल हुआ और अब हर कोई जानना चाहता है कि आखिर कौन हैं संजीव डोम, जिन्होंने अपनी ऊंची जाति को त्यागकर वंचितों और दलितों के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया।
इसके अलावा अभिनेता आमिर खान के ‘सत्यमेव जयते’ कार्यक्रम में भी वे शामिल हो चुके हैं। उनके जीवन पर कई डॉक्यूमेंट्री और शॉर्ट फिल्में बनाई गई हैं। मशहूर फिल्म डायरेक्टर प्रकाश झा ने भी उनके जीवन पर आधारित एक शॉर्ट फिल्म बनाई है।
रक्षा मंत्री ने की भावुक प्रशंसा
दिल्ली में आरएसएस की पत्रिका के लोकार्पण के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने संजीव डोम का जिक्र करते हुए कहा कि संजीव जैसे लोग समाज को प्रेरणा देते हैं। उन्होंने न केवल अपने सरनेम को बदला, बल्कि अपना जीवन भी उन लोगों की सेवा में लगा दिया, जिनकी ओर समाज ध्यान नहीं देता। उनके दिल में नारायण का वास है। राजनाथ सिंह के इस बयान के बाद संजीव डोम के कार्यों की चर्चा हर ओर होने लगी। यह सम्मान न केवल संजीव के जीवन की उपलब्धियों को मान्यता देता है, बल्कि यह समाज के लिए एक प्रेरणा का स्रोत भी बनता है।
दलित उत्थान के लिए जारी है संघर्ष
संजीव डोम का कहना है कि उनका संघर्ष तब तक जारी रहेगा, जब तक समाज में दलित, वंचित और डोम समुदाय को उनका हक और सम्मान नहीं मिल जाता। उनका उद्देश्य सिर्फ उत्थान नहीं, बल्कि समाज के भीतर भेदभाव को जड़ से खत्म करना है।