खगड़िया जिले के सबसे चर्चित व्यवसायी सुजीत की हत्या के पांच महीने बाद भी हत्यारे पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। इस मामले में अभी तक पुलिस ने घटना के कारण का खुलास नहीं किया है। मामले में मृतक के पिता और घटना के सूचक नगर थाना क्षेत्र के दाननगर निवासी प्रेम कुमार ने बताया कि पुलिस के द्वारा इस मामले की लीपापोती करने की कोशिश की जा रही है। जबकि इस मामले में उनके द्वारा पुलिस को सभी सबूत दिए जा चुके हैं। इधर, इस हत्याकांड का पांच सेकेंड का एक वीडियो अमर उजाला के पास पहुंचा है। उसमें हमलावर व्यवसायी सुजीत को गोली मार आराम से जाते दिख रहा है। जहां घटना हुई वहां एक पान दुकान लगती है। जबकि पुलिस ने इस मामले में पान दुकानदार का बयान दर्ज नहीं किया, जिससे पुलिस की कार्रवाई पर प्रश्नचिन्ह लगा रहा है।
75 लाख लेनदेन को लेकर हुई थी हत्या
जानकारी के मुताबिक, बीते 17 अगस्त 2024 को शहर के बीचों-बीच मथुरापुर केबिन ढाला के पास देर शाम करीब सात बजे शहर के एक मशहूर व्यवसायी सुजीत को अपराधियों ने गोलियों से छलनी कर दिया था। इस घटना में अपराधियों ने व्यवसायी को कुल नौ गलियां मारी थीं। घटना के बाद पटना के मेदांता हॉस्पिटल में दो दिन जिंदगी और मौत की जद्दोजहद में उसकी हार हो गई थी।
मृतक के पिता का कहना है कि उनके बेटे की हत्या 75 लाख रुपये को लेकर की गई है। उनके द्वारा एफआईआर में भी इसकी जानकारी दी गई है। उसमें सत्तारूढ़ जदयू के एक नेता और उनके बेटे सहित अन्य तीन को आरोपी बनाया गया है। पिता का आरोप है कि जदयू के नेता और उनके बेटे को बचाने के लिए पुलिस इस मामले में ढिलाई बरत रही है।
एक आरोपी जेल में, एक की गिरफ्तारी पर है रोक
नगर थाना कांड संख्या 415/24 में मृतक सुजीत के पिता द्वारा जदयू नेता अशोक सिंह, खगड़िया प्रखंड प्रमुख के पति और जदयू नेता के बेटे दीपक प्रकाश उर्फ टुकटुक के अलावा प्रीतम झा और विक्रम साह सहित अन्य चार अज्ञात को आरोपी बनाया गया है। इस मामले में आरोपी प्रीतम झा जेल में बंद है। जबकि पुलिस द्वारा एक आरोपी विक्रम साह के पक्ष में न्यायालय में प्रतिवेदन दिया गया, जिसमें विक्रम झा को जमानत मिल चुकी है। जबकि जेडीयू नेता के बेटे टुकटुक की गिरफ्तारी पर पटना उच्च न्यायालय ने रोक लगाई है। वहीं, जदयू नेता खुलेआम खगड़िया में राजनीतिक कार्यक्रम में शिरकत कर रहे हैं।
केस डायरी में आरोपियों की मोबाइल लोकेशन घटनास्थल के पास
मामले में पुलिस द्वारा न्यायालय में जो केस डायरी सौंपी गई है। उसमें पुलिस ने बताया है कि सभी आरोपियों की मोबाइल लोकेशन घटनास्थल के आस पास है। ऐसे में सवाल यह उठता है कि जब पुलिस को जांच में मोबाइल लोकेशन घटनास्थल के पास मिली है तो एक आरोपी विक्रम साह के पक्ष में न्यायालय को प्रतिवेदन क्यों दिया गया? घटना के सूचक मृतक के पिता प्रेम कुमार का आरोप है कि उन्होंने और अन्य गवाहों ने पुलिस को बयान देकर सभी आरोपियों के बारे में बताया है, जिसके उलट पुलिस जांच कर रही है।
जमीन कारोबार को लेकर हुई हत्या
मृतक व्यवसायी सुजीत के पिता के मुताबिक, उनके बेटे की हत्या जमीन कारोबार के कारण हुई है। पिता की मानें तो उनका बेटा और जदयू नेता का बेटा साथ में जमीन खरीद-फरोख्त का काम करते थे। इसी बात को लेकर सुजीत से बकाया 75 लाख रुपये मांगने को लेकर नेता पुत्र नाराज था। बताया जा रहा है कि इस मामले में कई बार दोनों पक्षों में बहस भी हुई थी।
जुटाई जाएगी मामले की जानकारी
इस मामले में खगड़िया के नव पदस्थापित एसपी राकेश कुमार ने कहा कि उनको इस घटना की जानकारी नहीं है। इस मामले में मृतक के पिता को बुलाकर जानकारी ली जाएगी। पुलिस की जांच तत्परता से कराई जाएगी। जल्द ही घटना का खुलासा कर दिया जाएगा। एसपी ने अमर उजाला से कहा कि पांच सेकेंड का जो वीडियो है, उसे संभव हो तो उनको दिया जाए।