बिहार में लागू पूर्ण शराबबंदी कानून के बीच मुंगेर जिले से एक निर्वाचित जनप्रतिनिधि की गिरफ्तारी का मामला सामने आया है। टेटिया बंबर प्रखंड की केसौली पंचायत के सरपंच चंद्रशेखर कुमार सिंह को शराब के नशे में हंगामा करने के आरोप में उत्पाद विभाग की टीम ने गिरफ्तार कर लिया। ब्रेथ एनालाइजर जांच में शराब सेवन की पुष्टि होने के बाद उनके खिलाफ बिहार मद्य निषेध एवं उत्पाद अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई।
जानकारी के अनुसार केसौली पंचायत के बरसंडा गांव निवासी चंद्रशेखर कुमार सिंह बुधवार रात अपने घर के समीप कथित रूप से नशे की हालत में हंगामा कर रहे थे। स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना उत्पाद विभाग की गश्ती टीम को दी। सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। जांच के दौरान सरपंच संदिग्ध अवस्था में पाए गए, जिसके बाद उन्हें हिरासत में लेकर उत्पाद थाना तारापुर लाया गया। यहां ब्रेथ एनालाइजर मशीन से जांच की गई, जिसमें शराब सेवन की पुष्टि हुई।
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उत्पाद थाना तारापुर के प्रभारी राकेश कुमार ने बताया कि जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद सरपंच के खिलाफ बिहार मद्य निषेध एवं उत्पाद अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद गुरुवार को उन्हें न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।
इस घटना के बाद क्षेत्र में चर्चा का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि जनप्रतिनिधियों को कानून के पालन में आम लोगों के लिए उदाहरण प्रस्तुत करना चाहिए। ऐसे में शराबबंदी कानून के उल्लंघन के आरोप में एक सरपंच की गिरफ्तारी चर्चा का विषय बन गई है।
उत्पाद विभाग के अधिकारियों ने कहा है कि शराबबंदी कानून के उल्लंघन के मामलों में किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। विभाग की ओर से लगातार छापेमारी, जांच और गश्ती अभियान चलाया जा रहा है तथा कानून तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।