स्कूल में सामान ढोते विद्यार्थी
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बिहार के सरकारी स्कूलों में शिक्षा की स्थिति पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। खगड़िया जिले के चौथम प्रखंड संसाधन केंद्र (बीआरसी) में स्कूली बच्चों से मजदूरी कराए जाने का मामला सामने आया है। इस घटना के वायरल हुए एक वीडियो में बच्चे बोरियों में किताबें ढोते नजर आ रहे हैं। बताया जा रहा है कि ये बच्चे चौथम प्रखंड के मध्य मकतब करुआ स्कूल के हैं, जिन्हें पढ़ाई छोड़कर बीआरसी भवन में काम करने के लिए लाया गया था।
इस शर्मनाक घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिसके बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है। जब इस संबंध में प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी प्रवीण कुमार से संपर्क किया गया तो उन्होंने बताया कि इस मामले की उन्हें जानकारी नहीं थी। अमर उजाला द्वारा जानकारी दिए जाने के बाद उन्होंने जांच कर उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।
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गौरतलब है कि शिक्षा विभाग ने पहले ही यह निर्देश जारी कर रखा है कि सरकारी विद्यालयों में पढ़ाई के अलावा बच्चों से किसी भी तरह का अन्य कार्य नहीं लिया जाएगा। बावजूद इसके खुद शिक्षा विभाग के अधीनस्थ संस्थानों में ही इस आदेश की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।
शिक्षा निदेशालय के आदेश के तहत हो रहा था पाठ्यपुस्तकों का वितरण
गौरतलब है कि शिक्षा निदेशालय ने हाल ही में सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि स्कूली बच्चों को जल्द से जल्द पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराई जाएं। इसी आदेश के तहत बीआरसी भवन में किताबों का स्टॉक मंगाया गया था और उनका वितरण किया जा रहा था। लेकिन अधिकारियों की लापरवाही के कारण किताबें ढुलवाने के लिए स्कूली बच्चों का इस्तेमाल किया गया, जो कि सीधे तौर पर विभागीय नियमों का उल्लंघन है।
जिला शिक्षा पदाधिकारी अमरेन्द्र गौंड ने इस घटना को गंभीर बताया है। उन्होंने कहा कि बीआरसी प्रभारी और संबंधित स्कूल के प्रधानाध्यापक से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। अगर आरोप सही पाए जाते हैं तो निश्चित ही जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाएगी।
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किशोर श्रम अधिनियम के तहत हो सकती है सख्त कार्रवाई
स्कूली बच्चों से इस तरह काम कराना न सिर्फ नैतिक अपराध है, बल्कि कानूनी दृष्टिकोण से भी गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) संशोधन नियमावली 2023 के तहत नाबालिग बच्चों से श्रम कार्य कराना पूरी तरह प्रतिबंधित है। नियम के अनुसार, चाहे बच्चा अपने घर के व्यवसाय में ही क्यों न सहयोग कर रहा हो, उस स्थिति में भी कार्य करवाने पर कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है। इस संबंध में श्रम संसाधन विभाग द्वारा सख्त आदेश भी जारी किए गए हैं।