पीसीसी सड़क और नाला निर्माण में गबन के मामले में लंबे समय से फरार चल रहे कनीय अभियंता ओम प्रकाश कुमार को मुंगेर पुलिस ने 11 साल बाद गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को पटना के फुलवारी शरीफ से पकड़ा गया। उस पर 3 लाख 74 हजार 584 रुपये के गबन का आरोप है। वर्तमान में वह पटना स्थित बिहार पुलिस भवन निर्माण विभाग में कार्यरत था।
2013 से फरार था अभियंता
हेमजापुर थाना पुलिस ने वर्ष 2013 से फरार चल रहे अभियंता को उसके आवास से गिरफ्तार कर मुंगेर लाया। इसके बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। जानकारी के मुताबिक, वित्तीय वर्ष 2010-11 में बिना काम कराए ही एमबी बुक कर पूरी राशि की निकासी कर ली गई थी। इस मामले में धरहरा थाना में आठ लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
मनरेगा योजना में गड़बड़ी का मामला
यह मामला धरहरा प्रखंड के शिवकुंड पंचायत का है। यहां मनरेगा योजना के तहत वर्ष 2010-11 में 4 लाख 41 हजार 56 रुपये की लागत से एनएच-80 से निषाद टोला तक पीसीसी सड़क और नाला निर्माण का प्रस्ताव था। आरोप है कि कनीय अभियंता ने 3 लाख 74 हजार 584 रुपये निकाल लिए, लेकिन जमीन पर कोई काम नहीं हुआ और न ही योजना का बोर्ड लगाया गया।
आठ लोगों पर दर्ज हुआ था मामला
तत्कालीन जिलाधिकारी के निर्देश पर वर्ष 2013 में मनरेगा पदाधिकारी मनोज कुमार ने धरहरा थाना में सरकारी राशि के गबन और कार्य नहीं कराने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इस मामले में आठ लोगों को नामजद किया गया था, जिनमें तत्कालीन मुखिया राजकुमार राय, पंचायत रोजगार सेवक राजीव कुमार और राजेश कुमार, प्रखंड विकास पदाधिकारी रामविलास राम, कनीय अभियंता ओम प्रकाश कुमार, मनरेगा पदाधिकारी ज्वाला प्रसाद, सहायक अभियंता गजेंद्र कुमार सिंह और दरोगा प्रसाद शामिल थे।
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सात आरोपियों को मिली जमानत, एक था फरार
प्राथमिकी दर्ज होने के बाद सात आरोपियों ने न्यायालय से जमानत ले ली थी, लेकिन ओम प्रकाश कुमार लगातार फरार चल रहा था। मुंगेर न्यायालय द्वारा वारंट जारी होने के बाद हेमजापुर थाना पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर उसे पटना से गिरफ्तार कर लिया। हेमजापुर थानाध्यक्ष नीरज कुमार ने बताया कि धरहरा थाना कांड संख्या 168/2013 के तहत फरार अभियुक्त को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।