खगड़िया जिले के बेलदौर थाना क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां सोशल मीडिया पर वीडियो बनाने का झांसा देकर दो नाबालिग दोस्तों ने अपने ही 13 वर्षीय दोस्त की बेरहमी से हत्या कर दी। पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर मामले का खुलासा करते हुए दोनों विधि-विरुद्ध बालकों को निरुद्ध कर लिया है।
सोशल मीडिया का शौक बना हत्या की वजह
पुलिस अनुसंधान में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि मृतक और दोनों आरोपी अक्सर यूट्यूब और फेसबुक पर शॉर्ट्स वीडियो देखा करते थे। वे खुद भी मोबाइल पर ऐसे ही वीडियो बनाने के शौकीन थे। घटना वाले दिन आरोपियों ने अपने दोस्त को वीडियो शूट करने का झांसा दिया और उसे मक्के के खेत में ले जाकर उसके हाथ बांध दिए।
अंडे की दुकान से शुरू हुई पूरी घटना
19 मार्च की सुबह मृतक अपने दोनों दोस्तों के साथ एक अंडे की दुकान पर देखा गया था। यहां से तीनों सकरोहर बहियार स्थित मक्के के खेत में पहुंचे। पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपी पुरानी रंजिश को मन में पाले हुए थे। उन्होंने पहले दोस्त के हाथ बांध दिए और वीडियो बनाने लगे। जब काफी देर तक उसके हाथ नहीं खोले गए, तो उसने भागने की कोशिश की। इसी दौरान एक आरोपी ने उसकी गर्दन पर पैर रख दिया और दूसरे ने चाकू से पेट पर हमला कर दिया, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई।
24 घंटे में पुलिस ने किया खुलासा
20 मार्च को बच्चे के लापता होने की सूचना मिलते ही एसपी राकेश कुमार के निर्देश पर गोगरी एसडीपीओ साक्षी कुमारी के नेतृत्व में एक टीम गठित की गई। तकनीकी सेल और मानवीय इनपुट की मदद से पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए मामले का खुलासा कर दिया।
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हत्या में इस्तेमाल हथियार बरामद
पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल किया गया धारदार चाकू, मृतक की चांदी की चकती और हाथ का कड़ा बरामद कर लिया है। वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने के लिए एफएसएल की मदद ली गई है और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। इस सफल उद्भेदन में गोगरी एसडीपीओ साक्षी कुमारी, गोगरी इंस्पेक्टर सुरेंद्र सिंह, थानाध्यक्ष अजीत सिंह, सब-इंस्पेक्टर अभिषेक कुमार, विकास कुमार और प्रशिक्षु सब-इंस्पेक्टर विकास कुमार सहित सशस्त्र बल की अहम भूमिका रही।