मुंगेर सदर अस्पताल की व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। कोतवाली थाना क्षेत्र के गुलजार पोखर निवासी रंजन देवी (67) की बुधवार सुबह सदर अस्पताल के आईसीयू वार्ड में मौत हो गई। स्वजनों ने आरोप लगाया है कि उन्हें समय पर ऑक्सीजन उपलब्ध नहीं कराई गई, जिससे उनकी जान चली गई।
बताया गया कि रंजन देवी ब्रेन हेमरेज से पीड़ित थीं। उनकी सर्जरी पटना के निजी अस्पताल में हुई थी। तबीयत बिगड़ने पर 29 जून को उन्हें मुंगेर सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बुधवार तड़के करीब साढ़े पांच बजे उनकी तबीयत फिर बिगड़ गई। स्वजनों ने बताया कि ऑक्सीजन कंसंट्रेटर मशीन ने काम करना बंद कर दिया, तो वैकल्पिक व्यवस्था के लिए स्टोर रूम से सिलिंडर मांगा गया, लेकिन वहां चारों सिलिंडर खाली पड़े थे। स्वजनों ने आरोप लगाया कि ऑक्सीजन की कमी से ही उनकी मौत हुई।
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आईसीयू में भर्ती अन्य मरीजों के परिजनों ने भी दावा किया कि सुबह अफरा-तफरी मची थी और सिलिंडर खाली थे। वहीं अस्पताल प्रबंधन ने आरोपों को बेबुनियाद बताया है। आईसीयू प्रभारी संगीता कुमारी ने कहा कि मरीज की हालत पहले से गंभीर थी। अस्पताल प्रबंधक तौसीफ हसनैन ने बताया कि चार ऑक्सीजन सिलिंडर स्टॉक में थे, जिनमें से तीन का उपयोग हो गया और एक सिलिंडर भरा हुआ था। उन्होंने कहा कि मरीज के स्वजनों का आरोप निराधार है, क्योंकि मौत के वक्त ऑक्सीजन उपलब्ध थी। फिलहाल परिजनों में अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही को लेकर आक्रोश है। इस घटना ने एक बार फिर जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़ा कर दिया है।