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Bihar: गिरिराज के संसदीय क्षेत्र में मुस्लिमों का वक्फ बिल के खिलाफ काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन, दी ऐसी चेतावनी

Fri, 28 Mar 2025 07:31 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बेगूसराय/दरभंगा/मुजफ्फरपुर/मुंगेर

सार

Protest Against Waqf Bill: प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे मौलाना काजी अरशद साहब कासमी और मो. अमीरुल हसन ने बताया कि ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड और इमारत-ए-शरिया बिहार, उड़ीसा, झारखंड के संयुक्त आह्वान पर यह विरोध प्रदर्शन किया गया।
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रमजान की अंतिम जुमे की नमाज में मुस्लिमों ने काली पट्टी बांधकर वक्फ का बिल का विरोध किया - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह के संसदीय क्षेत्र में केंद्र सरकार द्वारा लाए गए वक्फ संशोधन बिल 2024 के खिलाफ मुस्लिम समुदाय ने खुलकर विरोध दर्ज कराया है। रमजान के अंतिम जुमे पर जिले की कई मस्जिदों में काली पट्टी लगाकर नमाज अदा की गई। इस बिल को ‘मुस्लिम विरोधी’ करार देते हुए इसे तुरंत वापस लेने की मांग की गई। यह विरोध सिर्फ आम जनता तक सीमित नहीं रहा, बल्कि बिहार में बीजेपी की सहयोगी पार्टी जदयू के बड़े नेता डॉक्टर एहतेशामुलहक ने भी इसका समर्थन किया। उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से इस बिल को वापस करवाने के लिए हस्तक्षेप की मांग की।

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प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे मौलाना काजी अरशद साहब कासमी और मो. अमीरुल हसन ने बताया कि ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड और इमारत-ए-शरिया बिहार, उड़ीसा, झारखंड के संयुक्त आह्वान पर यह विरोध प्रदर्शन किया गया। उन्होंने कहा कि यह बिल मुसलमानों की धार्मिक और सामाजिक संपत्तियों को छीनने की एक साजिश है। हमारे पूर्वजों ने 400-500 साल पहले जो जमीनें मस्जिद, मदरसे और कब्रिस्तानों के लिए वक्फ कर दी थीं, अब सरकार कह रही है कि उनके दस्तावेज दिखाइए। उस समय लिखित दस्तावेज नहीं हुआ करते थे, तो अब हम कहां से प्रमाण लाएं? प्रदर्शनकारियों ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि जब तक इस बिल को वापस नहीं लिया जाता, मुसलमान इसका विरोध जारी रखेंगे और केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलेंगे।

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दरभंगा में वक्फ बिल के खिलाफ बड़ा प्रदर्शन
दरभंगा जिले के लरुआरा, पबरा और अन्य कई प्रखंडों में रमजान के अंतिम जुमे की नमाज के दौरान मुस्लिम समुदाय के लोगों ने अपने हाथों में काली पट्टी बांधकर सरकार के फैसले के प्रति नाराजगी जाहिर की।
 
नमाज पढ़ने आए मो. आमिर हसन ने कहा कि आल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की तरफ से शांतिपूर्ण ढंग से केंद्र सरकार द्वारा लाए गए वफ्फ बिल का विरोध किया जा रहा है। कहा गया है कि शांतिपूर्ण ढंग काली पट्टी लगाकर नमाज पढ़ी जाए, जिससे सरकार को विरोध जताया जा सके। सरकार द्वारा लाए जा रहे इस बिल पर देश के मुसलमानों को विरोध है। यह कानून बिल्कुल गलत और काला कानून है।
 
वहीं, मौलाना मो. मंजर कासमी ने कहा कि सरकार से हम लोगों की मांग है कि हमारे बाप-दादाओं ने जो हमको वफ्फ करके दिया है। वह अल्लाह की जमीन है, उसपर उनके सिवा किसी का अधिकार नहीं है। अगर उस पर कोई भी अपनी मिल्कियत जमाना चाहता है, वह गलत है। यही कारण है कि आज अलविदा की नमाज में नमाजियों को काली पट्टी लगाकर विरोध करना पड़ा है। वह हमारी जायदाद है, उस पर सरकार का कोई हक नहीं है। सरकार हमारी जायदाद को हड़पना चाह रही है, जिसका हम लोग और हमारे ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड विरोध जता रहे हैं। हम लोग भी आज रमजान के अंतिम जुमे की नमाज के दौरान अपने बांहों पर काली पट्टी लगाकर नमाज पढ़कर सरकार की नीतियों और सरकार का विरोध जता रहे हैं।
 
जदयू नेता ने सीएम नीतीश कुमार से हस्तक्षेप की मांग
जेडीयू के वरिष्ठ नेता डॉ. एहतेशामुलहक ने भी इस विरोध प्रदर्शन में भाग लिया और इस बिल को मुसलमानों के अधिकारों के खिलाफ बताया। उन्होंने कहा कि हम मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मिलकर आग्रह करेंगे कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस बिल को वापस लेने की मांग करें। अगर इसे वापस नहीं लिया गया, तो बिहार में इसका बड़ा राजनीतिक नुकसान हो सकता है। उनका यह बयान सियासी हलकों में चर्चा का विषय बन गया है, क्योंकि जदयू और बीजेपी बिहार में गठबंधन में हैं। ऐसे में किसी जदयू नेता द्वारा वक्फ बिल के खिलाफ खुलकर बोलना गठबंधन में दरार की ओर इशारा कर सकता है।

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मुजफ्फरपुर में भी वक्फ बिल के खिलाफ विरोध
मुजफ्फरपुर जिले में भी शुक्रवार को जामा मस्जिद और अन्य मस्जिदों में वक्फ बिल के खिलाफ काली पट्टी लगाकर विरोध दर्ज किया गया। शहर के कंपनी बाग स्थित जामा मस्जिद में पहुंचे सैकड़ों नमाजियों ने विरोध जताया और सरकार से मांग की कि वक्फ बिल को जल्द से जल्द वापस लिया जाए। नमाज के बाद प्रदर्शन कर रहे मो. इरशाद ने कहा कि हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील करते हैं कि वह इस बिल को वापस लें। रमजान का यह पवित्र महीना अमन और शांति का संदेश देता है, लेकिन यह बिल हमें हमारे धार्मिक अधिकारों से वंचित करने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर सरकार इस बिल को वापस नहीं लेती, तो आने वाले लोकसभा चुनावों में मुस्लिम समुदाय इसका जवाब देगा।
 
विरोध के बावजूद प्रधानमंत्री के लिए अमन और हिदायत की दुआ
हालांकि विरोध के बीच कई प्रदर्शनकारियों ने यह भी कहा कि वे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए अल्लाह से ‘नेक बनने’ की दुआ कर रहे हैं, ताकि वह इस कानून को वापस लें। नमाज के दौरान रेयाज अंसारी ने कहा कि हम मानते हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के लिए अच्छे काम कर रहे हैं, लेकिन वक्फ बिल पर वह गलत रास्ते पर चल रहे हैं। हम अल्लाह से दुआ करते हैं कि वह मोदी जी को हिदायत दे ताकि वह इस कानून को वापस लें।

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क्या है वक्फ संशोधन बिल 2024?
यह बिल देश भर में वक्फ संपत्तियों से जुड़े मामलों में पारदर्शिता लाने और विवादों को हल करने के लिए लाया गया है। लेकिन मुस्लिम समुदाय का कहना है कि यह सरकार द्वारा वक्फ संपत्तियों पर नियंत्रण करने और उन्हें अन्य समुदायों को सौंपने की एक साजिश है।
 
बिल के अनुसार, वक्फ संपत्तियों के लिए वैध दस्तावेज प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। अगर कोई संपत्ति बिना दस्तावेज के वक्फ घोषित की गई है, तो सरकार उसका अधिग्रहण कर सकती है। मुस्लिम समुदाय को डर है कि इस कानून के लागू होने से हजारों मस्जिदों, मदरसों, कब्रिस्तानों और अन्य वक्फ संपत्तियों पर सरकार कब्जा कर सकती है।
 
क्या कह रही है सरकार?
सरकार का कहना है कि यह बिल वक्फ संपत्तियों की सुरक्षा और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए लाया गया है। सरकार के मुताबिक, हम किसी भी धार्मिक संपत्ति को छीनने का इरादा नहीं रखते, बल्कि हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि इन संपत्तियों का सही उपयोग हो और किसी तरह की गड़बड़ी न हो। लेकिन मुस्लिम संगठनों का मानना है कि यह बिल मुसलमानों की धार्मिक संपत्तियों पर सरकार का नियंत्रण बढ़ाने का एक षड्यंत्र है।

मुंगेर में भी काला बिल्ला लगाकर नमाजियों ने वक्फ कानून का किया विरोध
मुंगेर में ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के आह्वान पर रमजान के आखिरी जुमा अलविदा की नमाज मुसलमानों ने काली पट्टी बांधकर अदा की। खानकाह रहमानी मुंगेर के सज्जादानशीं और अमीर-ए-शरीअत बिहार, उड़ीसा, झारखंड और पश्चिम बंगाल, हजरत मौलाना अहमद वली फैसल रहमानी साहब के नेतृत्व में खानकाह में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने काला बिल्ला लगा के नमाज अदा की।
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नमाज अदा करने बाद हजरत ने पत्रकारों से मुखातिब होते हुए बताया कि वक्फ बिल लाया जा रहा है। इससे अल्पसंख्यक समुदायों सहित बहुसंख्यकों के भी वैसे लोग परेशान हैं, जो संविधान में विश्वास रखते हैं। इस बिल से जितने भी अल्पसंख्यक समुदाय हैं, सभी को खतरा है। इस कारण पटना में भी प्रदर्शन हुआ था। उन्होंने कहा कि सबको लगता है कि यह बिल तमाम अल्पसंख्यकों को खत्म करने वाला बिल है। अगर यह बिल पास हो जाता है तो अपने पैसे से बनाए घर, अस्पताल, यूनिवर्सिटी और मस्जिद सभी खत्म हो जाएंगे। तमाम लोग परेशान हैं कि आखिर हुकूमत को क्या हो गया है। अपनी इसी परेशानी को दिखाने को लेकर काला बिल्ला लगाकर आज नमाज पढ़ रहे हैं। ताकि हुकूमत देख सके कि लोग कितने परेशान हैं।
 
साथ ही उन्होंने कहा कि हुकूमत में भी काफी पढ़े-लिखे लोग हैं। अगर हुकूमत को हमारी परेशानी दिख जाएगी तो वे बिल को आगे नहीं बढ़ाएंगे और जब तक उन्हें हमारी परेशानी नहीं दिखेगी, यह सिलसिला चलता रहेगा। हम लोग सभी परेशान है कि मुल्क किधर जा रहा है।
 
रहमानी खनका के सचिव मोहम्मद आरिफ रहमानी ने बताया कि हम केंद्र की सरकार से मांग करते हैं कि आज पावन पाक माह रमजान का है। इसलिए सरकार इस बिल को वापस करने का काम करे। इसी को लेकर के हम सब लोग आज काला बिल्ला लगाकर के विरोध कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि नमाज के दौरान हम सब एक हैं और अपने खुदा की संपत्ति की रक्षा करने के लिए आज दुआ भी कर रहे हैं। लेकिन हमारे अल्लाह की संपत्ति वक्फ को लेकर कानून पास किया जा रहा है, हम इसका विरोध कर रहे हैं। इसलिए हम सब आज इस बिल के विरोध में आज काला बिल्ला लगाकर विरोध कर रहे हैं और सरकार से मांग कर रहे हैं कि इस बिल को वापस करें नहीं तो इसका परिणाम आने वाले चुनाव में वोट के रूप में देखने को मिलेगा।

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