जमुई जिले भर में नववर्ष 2026 का स्वागत पूरे हर्षोल्लास के साथ किया गया। बुधवार देर रात जैसे ही घड़ी की दोनों सुइयां बारह पर आकर रुकीं, शहर और ग्रामीण इलाकों में “हैप्पी न्यू ईयर” के नारों के बीच आतिशबाजी शुरू हो गई। युवाओं में खासा उत्साह देखने को मिला और बीते साल को अलविदा कहते हुए नए साल का जोश के साथ स्वागत किया गया। नववर्ष के मौके पर सोशल मीडिया भी शुभकामनाओं से गुलजार रहा। व्हाट्सएप, फेसबुक, एक्स (ट्विटर) और इंस्टाग्राम के माध्यम से बच्चे, युवा और बुजुर्ग एक-दूसरे को नववर्ष की बधाई देते नजर आए। रात 12 बजे के बाद मोबाइल फोन की घंटियां लगातार बजती रहीं और लोग अपने सगे-संबंधियों व मित्रों को फोन कर नए साल की शुभकामनाएं देते रहे।
अन्य जिलों और राज्यों से भी बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचे
मनचलों पर पुलिस की पैनी नजर
इसके अलावा जिले के झाझा प्रखंड का नागी-नकटी डैम, बरहट प्रखंड का कुकुरझप डैम, खैरा प्रखंड का गरही डैम तथा अलीगंज प्रखंड का कैलास डैम भी पिकनिक मनाने वालों से गुलजार रहा। लोग सुबह से ही भोजन सामग्री लेकर परिवार और दोस्तों के साथ पहुंचे और वनभोज का आनंद लिया। बुजुर्गों से लेकर बच्चों तक सभी वर्ग के लोग इन रमणीक स्थलों पर उत्साहित नजर आए। नववर्ष के पहले दिन पिकनिक स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। जिले के सभी प्रमुख पिकनिक स्पॉट पर पुलिस बल की तैनाती की गई थी। पुलिस मनचलों पर पैनी नजर बनाए हुए थी ताकि कोई अप्रिय घटना न हो। इस कारण लोग बेफिक्र होकर पिकनिक का आनंद लेते दिखे।
सेल्फी लेकर पलों को यादगार बनाया
पिकनिक स्थलों पर पहुंचे लोगों ने प्राकृतिक नजारों को अपने मोबाइल कैमरे में कैद किया और सेल्फी लेकर इन पलों को यादगार बनाया। हर ओर खुशी और उल्लास का माहौल देखने को मिला। वहीं नववर्ष के अवसर पर धार्मिक स्थलों पर भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। बाबा पतनेश्वर धाम, धनेश्वर धाम, गिद्धेश्वर धाम, नेतुला मंदिर सहित अन्य मंदिरों में सुबह से ही पूजा-अर्चना के लिए भक्तों का तांता लगा रहा। श्रद्धालुओं ने नए साल में सुख-समृद्धि और शांति की कामना की। कुल मिलाकर जमुई जिले में नववर्ष 2026 का आगाज उत्साह, आनंद और उल्लास के साथ हुआ, जो लोगों के चेहरों पर साफ झलकता रहा।
भीमबांध अपने गर्म पानी के कुंड के लिए चर्चित
भीमबांध जमुई-मुंगेर की सीमा पर स्थित है और अपने प्राकृतिक गर्म जलकुंड, गर्म पानी की नदी और महाभारत कालीन पौराणिक जुड़ाव के लिए प्रसिद्ध पिकनिक स्पॉट है। भीमबांध अपने गर्म पानी के कुंड के लिए जाना जाता है। भीमबांध का जंगली इलाका करीब 682 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला है। यदि आप घने जंगल, पहाड़ियां और शांत वातावरण में परिवार के साथ सुकून के पल बिताना चाहते हैं, तो आप यहां आ सकते हैं। इस कुंड का तापमान सालभर 52 डिग्री सेल्सियस से 65 डिग्री सेल्सियस के बीच रहता है। यहां गर्म पानी की नदी भी बहती है, जिसके किनारे बैठकर आप वनभोज का आनंद उठा सकते हैं।
सर्दी के मौसम में आप गर्म पानी में स्नान कर सकते हैं और खूब आनंद उठा सकते हैं। भीमबांध का संबंध महाभारत काल से भी जोड़कर देखा जाता है। जानकारों के अनुसार पांडवों ने अपने अज्ञातवास का कुछ समय इसी क्षेत्र में बिताया था। मान्यता है कि भीम ने यहां एक बांध का निर्माण किया था, जिसके कारण इस स्थान का नाम भीमबांध पड़ा। इस पौराणिक जुड़ाव के कारण यह स्थल धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जाता है।
ये भी पढ़ें- Bihar Jobs: नए साल में बंपर वैकेंसी निकालने की तैयारी में नीतीश सरकार; 1.38 लाख से अधिक पदों पर होगी बहाली
कैलाश डैम पर्यटन मानचित्र पर उभर रहा