बिहार के जमुई जिले में शराबबंदी कानून के नाम पर अवैध वसूली का मामला सामने आया है। सोनो थाना क्षेत्र के डुमरी चेकपोस्ट पर तैनात तीन होमगार्ड जवानों पर वाहन जांच के दौरान यात्रियों से पैसे वसूलने का आरोप है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
चेकपोस्ट पर वसूली का खेल उजागर
जानकारी के अनुसार, जिले में पहले से ही नवादा उत्पाद चेकपोस्ट पर फिरौती कांड चर्चा में था। इसी बीच डुमरी चेकपोस्ट पर तैनात उत्पाद विभाग के तीन होमगार्ड जवानों की करतूत सामने आ गई।
आरोपित जवानों की पहचान सूर्यमणि कुमार, नवीन कुमार और आशीष कुमार के रूप में हुई है। घटना 21 अप्रैल की बताई जा रही है।
वाहन जांच के नाम पर डराकर वसूली
मिली जानकारी के अनुसार, झारखंड के गिरिडीह निवासी श्यामसुंदर यादव अपने पांच साथियों के साथ सिकंदरा के महादेव सिमरिया में आयोजित तिलक समारोह में शामिल होने जा रहे थे। जैसे ही उनकी स्कॉर्पियो डुमरी चेकपोस्ट पहुंची, वहां तैनात जवानों ने वाहन रोककर जांच शुरू कर दी। वाहन की तलाशी ली गई और सभी यात्रियों की शराब सेवन जांच मशीन से जांच की गई। आरोप है कि जवानों ने शराब सेवन की पुष्टि होने का दावा करते हुए यात्रियों को कानूनी कार्रवाई का डर दिखाया। बिहार में लागू पूर्ण शराबबंदी का हवाला देकर उन पर दबाव बनाया गया।
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16 हजार में हुआ ‘समझौता’
बताया गया कि मामला रफा-दफा करने के लिए सौदेबाजी शुरू हुई और अंततः 16 हजार रुपये में बात तय हुई। पीड़ितों ने 9500 रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर किए, जबकि 5500 रुपये नकद दिए। पैसे मिलने के बाद बिना किसी कानूनी कार्रवाई के सभी यात्रियों को छोड़ दिया गया।
शिकायत के बाद हुई कार्रवाई
घटना से आहत श्यामसुंदर यादव ने पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत देकर न्याय की मांग की। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जांच कराई गई, जिसमें आरोप सही पाए गए। इसके बाद सोनो थाना में मामला दर्ज कर तीनों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस का सख्त रुख
झाझा एसडीपीओ राजेश कुमार ने मामले की पुष्टि करते हुए कहा कि कानून की आड़ में किसी भी तरह की अवैध वसूली बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और आगे की कार्रवाई जारी है।