बिहार के खगड़िया जिले में पुलिस और एसटीएफ ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए अवैध हथियार निर्माण के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा किया है। मोरकाही थाना क्षेत्र के कोदरा गांव में संचालित एक मिनी गन फैक्ट्री पर छापेमारी कर पुलिस ने सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है।
पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपियों को पकड़ा
एसपी राकेश कुमार ने मीडिया से बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर देर रात मोरकाही थाना पुलिस, डीआईयू और एसटीएफ की टीम ने संयुक्त रूप से नीतीश कुमार के ठिकाने पर छापेमारी की। पुलिस ने चारों ओर से घेराबंदी कर मौके से आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया। गिरफ्तार किए गए सात लोगों में पांच मुख्य कारीगर मुंगेर जिले के निवासी हैं, जो अवैध हथियार बनाने में माहिर बताए जा रहे हैं।
बड़ी मात्रा में हथियार बरामद
छापेमारी के दौरान पुलिस को भारी मात्रा में हथियार और उपकरण बरामद हुए। इनमें 5 तैयार पिस्टल, कई मैगजीन, 3 अर्धनिर्मित पिस्टल, 6 अतिरिक्त मैगजीन और 8 जिंदा कारतूस शामिल हैं। इसके अलावा हथियार बनाने में इस्तेमाल होने वाले औजार जैसे हैंड ड्रिल मशीन, छेनी, बड़ी और गोल रेती, हथौड़ी, छोटे स्क्रू, चार मोबाइल फोन और दो बाइक भी जब्त की गई हैं। एसपी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में मुख्य आरोपी मो. औरंगजेब उर्फ अंगूर शामिल है, जिसके खिलाफ पहले से मुंगेर और बक्सर में आर्म्स एक्ट के कई मामले दर्ज हैं। इसके अलावा मो. सज्जाद, मो. शमशाद, मो. बाबर, मो. शमीम, मो. मनोवर आलम और नीतीश कुमार को भी गिरफ्तार किया गया है। इनमें से कई आरोपियों का आपराधिक इतिहास रहा है।
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पुलिस ने इस मामले में मोरकाही थाना में आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है। फिलहाल जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि यहां तैयार किए जा रहे हथियार किन-किन जिलों में सप्लाई किए जा रहे थे और इसके पीछे कौन सा बड़ा गिरोह सक्रिय है। इस कार्रवाई में मोरकाही थानाध्यक्ष राजेश कुमार ठाकुर, अमौसी थानाध्यक्ष मनीष कुमार और एसटीएफ के जवानों की अहम भूमिका रही।