बेगूसराय जिले के नावकोठी थाना क्षेत्र के पहसारा गांव में अपराधियों ने एक बार फिर खौफनाक वारदात को अंजाम दिया है। देर रात लगभग 12 बजे चिमनी भट्ठा पर काम कर रहे मजदूरों पर बेखौफ अपराधियों ने अंधाधुंध फायरिंग कर दी। इस हमले में झारखंड के रहने वाले लक्ष्मण उरांव (28) की घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना से इलाके में हड़कंप मचा हुआ है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
रंगदारी न देने पर किया हमला
इस वारदात के पीछे रंगदारी मांगने का मामला बताया जा रहा है। चिमनी भट्ठा के मालिक आको सिंह ने आरोप लगाया कि गांव के ही दबंग अपराधी गोलकी सिंह ने एक सप्ताह पहले उनसे 10 लाख रुपये की रंगदारी मांगी थी। आको सिंह ने रंगदारी देने से इनकार कर दिया था, जिसके बाद यह हमला हुआ। आरोप है कि इससे पहले भी गोलकी सिंह ने आको सिंह के ड्राइवर की हत्या की थी और उनके भतीजे पर जानलेवा हमला किया था। इन मामलों को लेकर गोलकी सिंह लगातार आको सिंह के परिवार पर मुकदमा वापस लेने का दबाव बना रहा था।
सीसीटीवी फुटेज से खुलासा
घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने आया है, जिसमें लगभग आठ की संख्या में अपराधी चिमनी भट्ठा पर आते हुए दिखाई दे रहे हैं। फुटेज में दिखा कि अपराधियों ने पहले आको सिंह को बुलाया। जब वह नहीं मिले, तो मजदूरों पर ताबड़तोड़ गोलीबारी शुरू कर दी। इस दौरान काम कर रहे मजदूर डरकर भागने लगे। लेकिन गोलियों की चपेट में आने से लक्ष्मण उरांव की मौत हो गई, जबकि दो अन्य मजदूर घायल हो गए।
इलाके में तनाव
घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है। स्थानीय लोगों ने पुलिस को घटना की सूचना दी, जिसके बाद नावकोठी थानाध्यक्ष दिनेश कुमार और अन्य पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और घायलों को विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर अपराधियों की पहचान की जा रही है। एसपी ने कहा कि हम जल्द ही अपराधियों को गिरफ्तार करेंगे और उन्हें कानून के कठघरे में लाएंगे। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस की अतिरिक्त टीमें तैनात की गई हैं।
पुनः उभरा तनाव का माहौल
इस घटना ने बेगूसराय को उसके पुराने आपराधिक दौर की याद दिला दी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि हाल के दिनों में अपराधियों के हौसले बुलंद हुए हैं। रंगदारी, धमकी और हत्याओं की घटनाएं फिर से आम हो गई हैं। चिमनी मालिक आको सिंह का परिवार पहले भी गोलकी सिंह के दबाव और हमलों का शिकार हो चुका है। उन्होंने प्रशासन से सुरक्षा की गुहार लगाई है।
पुलिस की कार्यवाही और चुनौतियां
वहीं, बेगूसराय पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय लोगों के बयान के आधार पर आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कई टीमों का गठन किया है। इस घटना ने प्रशासन की अपराध नियंत्रण पर पकड़ पर सवाल खड़े कर दिए हैं। लेकिन पुलिस का दावा है कि जल्द ही अपराधियों को पकड़ लिया जाएगा।