गिरिराज सिंह के काफिले को काले झंडे दिखाते भाजपा कार्यकर्ता
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केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता गिरिराज सिंह को एक बार फिर अपने ही संसदीय क्षेत्र में विरोध का सामना करना पड़ा। दरअसल, भाजपा नेता गिरिराज सिंह अपने समर्थकों के साथ बछवाड़ा में एक कार्यक्रम में जा रहे थे। इस दौरान भाजपा के कार्यकर्ताओं द्वारा ही गिरिराज सिंह को काले झंडे दिखा कर उनके काफिले को रोक दिया गया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने ‘गिरिराज सिंह वापस जाओ’ के नारे लगाए। इस घटना के बाद मौके पर काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। यह पूरा मामला बछवाड़ा क्षेत्र का है।
जानकारी के मुताबिक, भाजपा के फायर ब्रांड नेता सह बेगूसराय के सांसद केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह को अपने ही संसदीय क्षेत्र में विरोध का सामना करना पड़ा है। हालांकि, केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने इसे राजनीतिक साजिश करार देते हुए कहा कि राजनीति में यह सब चलते रहता है। वहीं, इस विरोध की कई तस्वीरें सामने आईं हैं।
यह पूरा मामला बछवाड़ा प्रखंड के रानी तीन पंचायत का है। जहां आज रविवार को गिरिराज सिंह का उस वक्त विरोध हुआ जब वह बछवाड़ा प्रखंड के लोहिया मैदान में आयोजित शिलान्यास कार्यक्रम में भाग लेने जा रहे थे। कई योजनाओं का शिलान्यास भी उनके हाथों किया जाना था। उसी वक्त रानी तीन के समक्ष काफी संख्या में लोग जमा हो गए। फिर ‘गिरिराज सिंह मुर्दाबाद’ के नारे लगाने शुरू कर दिए। हालांकि विरोध करने वाले लोगों के हाथों में भी भाजपा के ही झंडे थे।
'विकास का कोई काम नहीं, सिर्फ ढोंग रचा जा रहा'
प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे रानी तीन निवासी विनोद राय ने बताया कि गिरिराज सिंह द्वारा बेगूसराय में सिर्फ ढोंग रचा जा रहा है। और यहां विकास के कोई भी काम नहीं किए गए हैं। इतना ही नहीं गिरिराज सिंह द्वारा गोविंदपुर तीन पंचायत को गोद लिया गया था, लेकिन वहां आज तक एक चापा नल भी संसद के द्वारा नहीं दिया गया। हालांकि, मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने प्रदर्शनकारियों को हटाया। उसके बाद ही गिरिराज सिंह का काफिला वहां से निकल सका।
'राजनीति में यह सब चलते रहता है'
वहीं, लोहिया मैदान में अपने संबोधन के दौरान केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने बिना नाम लिए कहा कि मेरा विरोध जितना करना है करो। लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विरोध नहीं होना चाहिए, क्योंकि उन्होंने हर एक आवाम के लिए विकास का ही काम किया है। नरेंद्र मोदी का विरोध करने से विकास की गति भी रुक जाएगी। उन्होंने कहा कि राजनीति में यह सब चलते रहता है।