बेगूसराय जिले में पुलिस और एसटीएफ को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। नावकोठी थाना क्षेत्र में पांच वर्षों से फरार चल रहे समसा पंचायत की मुखिया हेमा मौर्य हत्याकांड के मुख्य आरोपी रणवीर महतो को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया गया है। इस दौरान जवाबी फायरिंग में रणवीर महतो के पैर में गोली लग गई, जिसके बाद उसे घायल अवस्था में दबोच लिया गया।
रणवीर महतो पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था और वह लंबे समय से पुलिस को चकमा देकर फरार चल रहा था। सोमवार को मिली खुफिया सूचना के आधार पर एसटीएफ और स्थानीय पुलिस ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की। सूचना थी कि रणवीर अपने कुछ सहयोगियों के साथ नावकोठी क्षेत्र में छिपा है। जब पुलिस ने घेराबंदी की, तो खुद को बचाने के लिए उसने गोली चला दी। इसके जवाब में पुलिस ने भी फायरिंग की, जिसमें एक गोली उसके पैर में लग गई। पुलिस ने घायल रणवीर को मौके से गिरफ्तार कर इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया है। फिलहाल पुलिस ने मामले की पुष्टि तो की है, लेकिन मीडिया को विस्तृत जानकारी देने से बच रही है। अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही पूरी जानकारी साझा की जाएगी।
क्या है मुखिया हेमा मौर्य हत्याकांड?
दरअसल, समसा पंचायत जो नावकोठी थाना क्षेत्र में आता है, वहां दो प्रभावशाली परिवारों के बीच वर्षों से वर्चस्व की लड़ाई चली आ रही है। इस विवाद ने अब तक दोनों गुटों के करीब एक दर्जन से अधिक लोगों की जान ले ली है। साल 2020 में सरस्वती पूजा के विसर्जन के दौरान यह संघर्ष एक बार फिर उफान पर आ गया। तत्कालीन मुखिया हेमा मौर्य जब अपने समर्थकों और ग्रामीणों के साथ प्रतिमा विसर्जन के लिए बुधी गंडक नदी के तट पर पहुंचीं, तभी विरोधी गुट ने पहले से रची साजिश के तहत उनके ऊपर हमला कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, सैकड़ों की भीड़ के बीच ताबड़तोड़ गोलियां चलाई गईं और वहीं पर महिला मुखिया की हत्या कर दी गई। हत्या के इस सनसनीखेज मामले में रणवीर महतो मुख्य आरोपी के तौर पर नामजद किया गया था। हालांकि, वारदात के बाद से ही वह लगातार फरार था और पुलिस के तमाम प्रयासों के बावजूद पकड़ में नहीं आ रहा था। इस केस से जुड़े अन्य आरोपियों को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।
पुलिस की कार्रवाई पर उठते सवाल