साइबर अपराध के बढ़ते मामलों के बीच जहानाबाद से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पुलिस को भी उलझन में डाल दिया। दरअसल जिस लड़की को पटना पुलिस एक साइबर फ्रॉड के सहयोगी के रूप में खोज रही थी, वह खुद एक बड़ी साइबर ठगी की शिकार निकली। यह मामला न केवल चौंकाने वाला है, बल्कि साइबर अपराध की जटिलता को भी उजागर करता है।
शास्त्री नगर की घटना से शुरू हुई जांच, पुलिस पहुंची जहानाबाद
जानकारी के मुताबिक, मामला शुरू हुआ पटना के शास्त्री नगर थाना क्षेत्र के रामनगरी मोहल्ले से। जहां रहने वाले मो. ताबिश की पत्नी की बहन आठ मार्च को एक एटीएम से पैसे निकालने गई थी। इसी दौरान साइबर फ्रॉड ने उसकी नजरें चुराकर एटीएम कार्ड बदल दिया। इसके बाद उस कार्ड का इस्तेमाल कर पहले 25 हजार रुपये की नकद निकासी कर ली गई, फिर 60 हजार रुपये की ऑनलाइन शॉपिंग कर एक महंगी घड़ी की खरीदारी की गई। अगले दिन फिर 25 हजार रुपये की निकासी की गई। कुल मिलाकर ताबिश के खाते से एक लाख 34 हजार रुपये गायब हो गए।
यह भी पढ़ें- Bihar Crime:बाजार गई युवती लापता, परिजनों ने अपहरण और अनहोनी की आशंका जताई; पुलिस मामला दर्ज कर जांच में जुटी
जांच में सामने आया एक नया नाम, पुलिस को हुई गलतफहमी
जब पीड़ित ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, तो जांच के दौरान यह खुलासा हुआ कि उक्त एटीएम से जुड़ा 25 हजार रुपये का ट्रांजैक्शन जहानाबाद शहर के देवरिया मोहल्ला की रहने वाली एक लड़की वर्षा ऋतु के अकाउंट में हुआ है। इस पर पुलिस को संदेह हुआ कि कहीं यह लड़की भी साइबर ठगों के गिरोह से तो नहीं जुड़ी है।
फोन कॉल को साइबर फ्रॉड समझ पुलिस को झाड़ लगाई
17 मार्च को पटना पुलिस के एसआई सुरेंद्र कुमार ने वर्षा ऋतु से संपर्क कर इस बारे में पूछताछ करनी चाही। लेकिन वर्षा ने फोन कॉल को ही साइबर फ्रॉड समझा और पुलिस को फटकार लगा दी। इस व्यवहार से पुलिस का शक और गहरा हो गया और वह उसकी तलाश में जहानाबाद पहुंच गई।
हकीकत जानकर पुलिस भी रह गई दंग
वहीं, दूसरी ओर वर्षा ऋतु जब बैंक पहुंची और अपने खाते की जांच करवाई तो उसके होश उड़ गए। उसके खाते से पहले से जमा दो लाख रुपये भी निकाल लिए गए थे। यह देखकर वह बैंक परिसर के पास ही रोने लगी और लोगों से मदद मांगने लगी। इसी बीच वहां पटना पुलिस भी पहुंच गई और जब पूरी सच्चाई सामने आई तो सभी स्तब्ध रह गए।
यह भी पढ़ें- Crime:दंपती पर जानलेवा हमला; पड़ोसन ने बेटों संग मिलकर ब्लेड से काटा और रॉड से पीटा, आखिर होली पर हुआ क्या था
जिस लड़की को पुलिस साइबर फ्रॉड की सहयोगी समझ रही थी, वह खुद एक संगठित ठगी का शिकार बन चुकी थी। वर्षा ऋतु ने बताया कि उसे अंदाजा तक नहीं था कि उसका नाम भी किसी साइबर ठगी से जुड़ जाएगा और उसे अपने ही पैसे गंवाने पड़ेंगे।
पुलिस कर रही आगे की जांच
अब पुलिस इस पूरे मामले की तह तक जाने की कोशिश कर रही है कि किस तरह से वर्षा ऋतु के खाते का उपयोग साइबर ठगों ने किया और उसकी जमा राशि भी निकाल ली।