टॉपर सचिन कुमार राम परिजनों और शिक्षकों के साथ
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सफलता न संसाधनों की मोहताज होती है और न ही परिस्थितियों की। इस बात को सच कर दिखाया है जमुई जिले के चकाई प्रखंड के सिमरिया गांव के रहने वाले सचिन कुमार राम ने। उन्होंने बिहार बोर्ड मैट्रिक परीक्षा 2025 में पूरे राज्य में दूसरा स्थान प्राप्त किया है। सचिन ने 97.60% अंक (488 अंक) के साथ यह शानदार उपलब्धि हासिल की है। उनकी इस कामयाबी से न सिर्फ उसके परिवार, बल्कि पूरे गांव और जिले में खुशी की लहर दौड़ गई है। सचिन की सफलता ने यह साबित कर दिया कि अगर हौसला बुलंद हो, तो परिस्थितियां कभी भी बाधा नहीं बन सकतीं।
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कड़ी मेहनत और संघर्ष से लिखी सफलता की कहानी
सचिन का परिवार बेहद साधारण पृष्ठभूमि से आता है। उनके पिता भूदेव राम रांची के एक रेस्टोरेंट में मजदूरी करते हैं। सीमित आर्थिक संसाधनों के बावजूद उन्होंने अपने बेटे को पढ़ने के लिए हमेशा प्रेरित किया और उसकी शिक्षा में कोई कमी नहीं आने दी। सचिन ने बताया कि मेरे पिता दिन-रात मेहनत करके मेरी पढ़ाई के लिए संघर्ष करते रहे। आज उनकी मेहनत सफल हो गई है। मेरी यह सफलता उन्हीं को समर्पित है।
बिहार मैट्रिक परीक्षा में राज्य स्तर पर दूसरा स्थान लाने के बाद सचिन का स्कूल ‘उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालय, सिमरा चकाई’ भी चर्चा में आ गया है। प्रधानाध्यापक और शिक्षकों ने सचिन को स्कूल बुलाकर फूल-माला पहनाकर और मिठाई खिलाकर सम्मानित किया।
गांव में खुशी का माहौल
जैसे ही बिहार बोर्ड का रिजल्ट घोषित हुआ और सचिन का नाम टॉपर्स की सूची में आया, वैसे ही पूरे सिमरिया गांव में उत्सव जैसा माहौल बन गया। गांव वालों ने सचिन और उसके परिवार को बधाई दी और मिठाइयां बांटी। गांव के बुजुर्गों का कहना है कि यह पहली बार हुआ है जब इस क्षेत्र के किसी छात्र ने इतनी बड़ी सफलता हासिल की है। यह अन्य बच्चों के लिए भी एक प्रेरणा का काम करेगा।
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आईआईटी में दाखिला लेकर इंजीनियर बनने का है सपना
सचिन ने अपनी सफलता के बाद अपने भविष्य की योजनाओं के बारे में भी बताया। वह आईआईटी की प्रवेश परीक्षा (JEE) की तैयारी कर इंजीनियर बनना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि अब मेरा अगला लक्ष्य आईआईटी में दाखिला लेना है। मैं देश का एक सफल इंजीनियर बनकर अपने माता-पिता और गांव का नाम रोशन करना चाहता हूं।