सारण जिले के मकेर थाना क्षेत्र अंतर्गत चकिया गांव में एक आशा कार्यकर्ता द्वारा आत्महत्या किए जाने की घटना से इलाके में सनसनी फैल गई है। मृतका की पहचान चकिया गांव निवासी सुरेन्द्र राम की पुत्री प्रियंका कुमारी के रूप में हुई है। वह ग्रामीण क्षेत्र में आशा कार्यकर्ता के तौर पर कार्यरत थीं और अपनी इकलौती बेटी के साथ मायके में रहकर उसका भरण-पोषण कर रही थीं। घटना के बाद परिजनों में कोहराम मच गया है, वहीं गांव में शोक का माहौल व्याप्त है।
पति से तलाक के बाद मायके में रह रही थीं प्रियंका
जानकारी के अनुसार, प्रियंका कुमारी का विवाह कुछ वर्ष पूर्व हुआ था, लेकिन पति से तलाक होने के बाद वह अपनी छह वर्षीय बेटी के साथ मायके में रह रही थीं। बताया जाता है कि गुरुवार की रात परिवार के साथ खाना खाने के बाद वह अपने कमरे में सोने चली गईं।
बेटी ने सुबह नाना-नानी को दी जानकारी
शुक्रवार की अहले सुबह उनकी बेटी ने नाना-नानी को बताया कि “मां कुछ बोल नहीं रही।” इसके बाद परिजन कमरे में पहुंचे तो प्रियंका फांसी के फंदे से लटकी हुई मिलीं। यह दृश्य देखते ही घर में चीख-पुकार मच गई।
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा
घटना की सूचना मिलते ही मकेर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल छपरा भेज दिया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल आत्महत्या के कारणों का स्पष्ट खुलासा नहीं हो सका है।
ये भी पढ़ें:
पश्चिम चंपारण में तेंदुए का आतंक, तीन लोगों पर हमला कर किया घायल, इलाके में दहशत
गांव में शोक, पुलिस जांच में जुटी
स्थानीय लोगों के बीच घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि प्रियंका स्वभाव से शांत थीं और अपनी बेटी के पालन-पोषण में जुटी रहती थीं। वहीं पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।