जले अनाज पर रोती महिलाएं। शाम तक पुरुष सिधरिया टोला से रहे गायब।
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कथित फायरिंग के आरोप में कमरे में पीटकर की थी हत्या
मुबारकपुर में महिला मुखिया आरती देवी के पति विजय यादव मुखिया प्रतिनिधि हैं। गुरुवार को सामने आया था कि बाइक से आए तीन युवकों ने विजय यादव के मुर्गा फार्म पर आकर फायरिंग की थी। इस कथित फायरिंग के बाद
भीड़ ने तीनों को जमकर मारा। खबर की सत्यता और ज्यादा पुष्ट हुई, जब रूम के अंदर तीनों को
बेरहमी से पीटने का वीडियो सामने आया। पीटे गए तीनों युवक राजपूत जाति के थे, जिनमें से एक अमितेश कुमार सिंह की उसी दिन मौत हो गई थी। बाकी दो का पटना में अब भी इलाज चल रहा है। शुक्रवार को जब अमितेश की लाश उसके घर पहुंची तो मामला राजपूत-बनाम-यादव हो गया। अमितेश के घर की
महिलाओं ने ललकारना शुरू किया कि राजपूतों ने चूड़ियां पहन रखी हैं, इसलिए यादव इस तरह मार दे रहे। इस ललकार के बाद जब शनिवार को तीनों की कमरे में बंद कर पिटाई का वीडियो सामने आया तो रात में ही सबक सिखाने की योजना बन गई।
आग में कच्चे घर जल गए, सामान उनपर फेंका गया। पक्के मकानों के शीशे तोड़े गए।
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नारेबाजी के साथ पुलिस के सामने बढ़े, आग लगाई
रविवार को सुबह राजपूत समाज के लोग एकजुट होकर मुखियापति और पुलिस के गठजोड़ पर नारेबाजी कर मुखिया के घर की ओर बढ़ने लगे। दोपहर बाद हालत यह रही कि युवक की साजिशन हत्या का आरोप लगाकर भीड़ ने पुलिस के सामने एक-एक कर सिधरिया टोला के कच्चे घरों में आग लगा दी। पुलिस ने आगे बढ़ने की कोशिश की तो पथराव किया। उग्र भीड़ ने गाड़ियों को भी आग के हवाले कर दिया गया। कई जगहों पर रखे अनाज भी जला दिए। फायरिंग किए जाने की बात भी आ रही है, हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हुई है। शाम पांच बजे के आसपास पुलिस प्रशासन की और फायर ब्रिगेड ने घटनास्थल को कब्जे में किया। अभी भी स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। गांव में केवल महिलाएं और बच्चे ही बचे हुए हैं। पुरुष गांव छोड़कर फरार हो चुके हैं।
सारण में मांझी में उपद्रव के कारण बीमा कंपनियों को झेलना होगा भारी नुकसान।
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एसपी पहुंचे तो लोगों ने थानाध्यक्ष पर लगाए आरोप
मौके पर पहुंचे सारण एसपी गौरव मंगला ने देर शाम कहा कि एक युवक की हत्या के बाद मामला बिगड़ा है, लेकिन अब स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। उन्होंने बताया कि पुलिस ने हत्या के दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और अन्य की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है। उन्होंने कहा कि किसी भी हालत में दोषी बख्शे नहीं जाएंगे, लेकिन इस तरह कानून को हाथ में लेने वालों से भी प्रशासन सख्ती से निपटेगा। उन्होंने इसे जातीय रंग देने से बचाने की अपील की और कहा कि शांति बनाए रखें। पुलिस अपना काम कर रही है। एसपी के सामने मांझी थानाध्यक्ष पर आरोप लगाते हुए लोगों ने कहा कि हत्या के आरोपियों को बचाने में सारी ताकत झोंक दी, जिसके कारण गुस्सा इतना बढ़ा।