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Bihar: शहादत के बाद सहायता राशि पर बवाल, शहीद के पिता बोले- हमें बताए बिना दे दिया 21 लाख का चेक

Fri, 19 Jun 2026 09:19 PM IST
मगध ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जहानाबाद

सार

असम के जोरहाट में वायुसेना विमान हादसे में शहीद हुए फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार की सहायता राशि को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। शहीद के पिता ने आरोप लगाया है कि सरकार की ओर से दी गई 21 लाख रुपये की आर्थिक सहायता उन्हें बिना जानकारी दिए शुभम की कथित पत्नी को सौंप दी गई। 
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कथित पत्नी के साथ शहीद हुए फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार और उनके पिता - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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असम के जोरहाट में वायुसेना के विमान हादसे में शहीद हुए फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार के परिवार में अब आर्थिक सहायता राशि को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। शहीद के पिता ने आरोप लगाया है कि सरकार की ओर से दी गई 21 लाख रुपये की सहायता राशि उन्हें बिना जानकारी दिए शुभम की कथित पत्नी को सौंप दी गई। इस मामले को लेकर उन्होंने निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग की है।
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बेटे की शहादत के बाद परिवार पर दोहरी मार
शहीद शुभम कुमार के पिता अमरेंद्र उर्फ पप्पू शर्मा ने कहा कि उनका बेटा पूरे परिवार का इकलौता कमाने वाला सदस्य था। उसके निधन के बाद परिवार गहरे आर्थिक संकट में आ गया है। उनका आरोप है कि सरकार की सहायता राशि भी उन्हें बताए बिना किसी और को दे दी गई, जिससे उनका दुख और बढ़ गया है।

'हमें नहीं दी गई कोई जानकारी'
पिता का कहना है कि सरकार की ओर से 21 लाख रुपये का सहायता चेक शुभम की कथित पत्नी श्रेया राय को सौंप दिया गया। उन्हें इसकी कोई जानकारी नहीं दी गई। अगले दिन जब उन्हें इसकी सूचना मिली और उन्होंने हुलासगंज के अंचल अधिकारी से संपर्क किया, तब चेक दिए जाने की पुष्टि हुई।
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'अगर पत्नी हैं तो अधिकार है लेकिन तरीका गलत'
अमरेंद्र शर्मा ने कहा कि यदि शुभम और श्रेया ने कानूनी रूप से कोर्ट मैरिज की थी, तो पत्नी होने के नाते सहायता राशि पर उनका अधिकार बनता है। लेकिन पूरे मामले में परिवार को अंधेरे में रखना उचित नहीं था। उनका यह भी आरोप है कि श्राद्धकर्म से पहले ही श्रेया चेक लेकर अपने घर लौट गईं, जबकि ऐसे समय में उन्हें परिवार के साथ रहना चाहिए था।

कोर्ट मैरिज की जानकारी से किया इनकार
परिजनों का कहना है कि शुभम और श्रेया एक-दूसरे से प्रेम करते थे और दोनों परिवारों की सहमति से इसी वर्ष नवंबर में शादी तय थी। हालांकि, शुभम की दादी के निधन के कारण विवाह को वर्ष 2027 की होली तक टाल दिया गया था। परिवार का दावा है कि उन्हें दोनों की किसी कोर्ट मैरिज या कानूनी विवाह की जानकारी नहीं थी।

रक्षा मंत्री से लगाई न्याय की गुहार
बुजुर्ग पिता ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और आर्थिक रूप से कमजोर माता-पिता को भी उचित सहायता दिलाने की मांग की है। उनका कहना है कि बेटे की शहादत के बाद अब उनके सामने जीवनयापन का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।

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आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार
फिलहाल सहायता राशि को लेकर उठे सवालों ने शहीद के परिवार के बीच नया विवाद खड़ा कर दिया है। वहीं, इन आरोपों पर प्रशासन या श्रेया राय की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में मामले के सभी तथ्यों के सामने आने का इंतजार किया जा रहा है।
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