बिहार के बेतिया मे एक महंथ की उनके अर्द्ध निर्मित मकान में लाश मिली। परिजनों का कहना है कि यह मौत नहीं है बल्कि हत्या की गई है। घटना शिकारपुर थाना क्षेत्र के सोफवा नया टोला गांव की है। मृतक की पहचान कोइरगांवा वार्ड संख्या 14 निवासी रविंद्र मिश्र उर्फ साहेब मिश्र के पुत्र कृष्ण मोहन मिश्र (50) के रूप में की गई है।
घटना के संबंध में पुलिस का कहना है कि कृष्ण मोहन मिश्र के हाथ में एक बिजली का तार सटे हालत में था तथा गले में गमछा लिपटा हुआ था। शव को देखने से प्रथम दृष्टया प्रतीत हो रहा है कि उनकी हत्या बिजली की तार से करंट से मौत होने के लिए पुलिस को गुमराह करने के फिराक में था। हालांकि पुलिस भी शव को देख कर हत्या करने के बिंदु पर जांच पड़ताल में जुट गई है। मृतक के संबंध में बताया जाता है कि सोफवा स्थित मंदिर में वह महंथ भी थे। सोफवा नया टोला में वह अपना मकान बनवा रहे थे, जिसकी देखरेख वह खुद करते थे।
आसपास के लोगों ने बताया कि इसके घरवाले दिल्ली गए हुए हैं। घर पर कोई नहीं है। सुबह में जब मजदूर काम करने के लिए वहां पहुंचे तो नवनिर्मित मकान के सबसे अंतिम कमरे में जमीन पर कृष्ण मोहन मिश्र की लाश पड़ी थी। शव को देखकर मजदूर हल्ला करने लगे। शोर सुनकर आसपास के लोग वहां पहुंचे और कृष्ण मोहन के रिश्तेदारों को भी फोन कर घटना की सूचना दी। सूचना मिलने पर पुरैनिया हरसरी के मुखिया अजीत दूबे उर्फ बाला दूबे भी घटनास्थल पर पहुंचे। मुखिया ने पुलिस को सूचना दी। सूचना पर शिकारपुर थानाध्यक्ष सदलबल घटनास्थल पर पहुंच कर जांच पड़ताल में जुट गए। महंत कृष्ण मोहन मिश्र के रिश्तेदारों ने बताया कि कृष्ण मोहन कुछ महीना पहले जमीन बिक्री की थी। उनलोगों ने आशंका जताते हुए कहा कि रुपए की लेन-देन में हो सकता है किसी ने उनकी हत्या कर पुलिस को गुमराह करने के लिए हाथ में बिजली का होल्डर लगा तार सटा दिया होगा।
घटना के संबंध में थानाध्यक्ष अवनीश कुमार ने बताया कि शव को प्रथम दृष्टया देखने से प्रतित हो रहा है मामला संदिग्ध है। एफएसएल टीम को बुलाई गई। वैज्ञानिक तरीके से घटनास्थल की जांच की गई है। जांच के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा दिया गया।