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बिहार: तेजस्वी ने महागठबंधन की ओर कर दिया बड़े आंदोलन का एलान, किस दिन क्या करेंगे? जानिए पूरी योजना

Mon, 05 Oct 2026 07:15 PM IST
आदित्य आनंद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना

सार

महागठबंधन के घटक दल राजद और कांग्रेस ने विधान परिषद चुनाव में एक दूसरे के खिलाफ चुनावी मैदान में हैं लेकिन आज यह दोनों एक मुद्दे पर फिर से साथ हो गए। चुनाव आयोग के खिलाफ दोनों दलों ने मिलकर लड़ने का एलान किया है। तेजस्वी यादव के नेतृत्व में पूरे बिहार में आंदोलन किया जाएगा। 
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महागठबंधन की प्रेस वार्ता। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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महागठबंधन ने चुनाव आयोग के खिलाफ आंदोलन का एलान किया है। सोमवार को पटना स्थित एक पोलो रोड आवास पर महागठबंधन के नेताओं के साथ बैठक के बाद नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि लोकतंत्र बचाने के लिए बिहार में आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जब लोकतंत्र ही नहीं बचेगा तो चुनाव का क्या मतलब? तेजस्वी यादव ने कहा कि महागठबंधन की ओर से सात अक्टूबर को पूरे बिहार में प्रखंड मुख्यालयों पर आक्रोश मार्च निकाला जाएगा। इसके अगले दिन आठ अक्टूबर को सभी जिला मुख्यालयों पर धरना दिया जाएगा। इसी दिन पटना में उनके नेतृत्व में राजभवन मार्च निकाला जाएगा। इसमें महागठबंधन के विधायक, विधान पार्षद और अन्य नेता शामिल होंगे।

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दिल्ली में सांसद करेंगे चुनाव आयोग के सामने मार्च
तेजस्वी यादव ने कहा कि दिल्ली में हुई महागठबंधन की बैठक में देशभर में लोकतंत्र बचाने के लिए आंदोलन का फैसला लिया गया था। इसी कार्यक्रम के तहत छह अक्टूबर को नई दिल्ली में चुनाव आयोग के सामने लोकसभा और राज्यसभा के सांसद लोकतंत्र बचाओ मार्च निकालेंगे। उन्होंने कहा कि 15 अक्टूबर के बाद राष्ट्रपति से मिलने का समय मांगा जा रहा है। समय मिलने पर महागठबंधन के नेता राष्ट्रपति से मुलाकात कर चुनाव आयोग और भाजपा के कथित गठजोड़ को लेकर ज्ञापन सौंपेंगे।

एसआईआर और मतदाता सूची को लेकर लगाए आरोप
तेजस्वी यादव ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि एसआईआर के दौरान जीवित लोगों के नाम भी मृतकों की सूची में डाले गए और मतदाताओं के नाम हटाने में गड़बड़ी हुई। उन्होंने चुनाव के दौरान महिलाओं के खातों में 10-10 हजार रुपये डाले जाने को लेकर भी सवाल उठाया और इसे चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार में सरकारी खजाने से बड़ी राशि निकालकर वोट खरीदने का काम किया गया। हालांकि, ये सभी आरोप तेजस्वी यादव ने लगाए हैं।
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चुनाव आयोग पर भी साधा निशाना
राजद नेता ने कहा कि पहले चुनाव के दौरान वोट का रिकॉर्ड एक साल तक रखा जाता था, लेकिन अब इसकी अवधि घटाकर 45 दिन कर दी गई है। उन्होंने कहा कि इससे चुनाव आयोग की मंशा पर सवाल उठता है। तेजस्वी ने दावा किया कि पिछले 10 महीने में मुख्य चुनाव आयोग के खिलाफ 14 बार शिकायतें की गईं, लेकिन उन पर सुनवाई नहीं हुई। उन्होंने चुनाव आयोग की नियुक्ति प्रक्रिया पर भी सवाल उठाया और कहा कि पहले चयन पैनल में सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश होते थे, लेकिन अब उनकी जगह एक मंत्री को सदस्य बनाया गया है।

‘बिहार से ही लोकतंत्र बचाने की लड़ाई शुरू होगी’
तेजस्वी यादव ने कहा कि लोकतंत्र को बचाने के लिए बिहार में इंडिया गठबंधन का गठन किया गया था। उनके अनुसार, एसआईआर की प्रक्रिया भी बिहार से शुरू हुई और अब लोकतंत्र बचाने की लड़ाई भी बिहार से लड़ी जाएगी। उन्होंने कहा कि बिहार लोकतंत्र की जननी है और यहां लोकतंत्र को बचाने के लिए संघर्ष किया जाएगा। तेजस्वी ने कहा कि चुनाव आयोग की कथित अनियमितताओं का पर्दाफाश किया जाएगा और इसके खिलाफ आंदोलन जारी रहेगा।
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आठ अक्टूबर को पटना में राजभवन मार्च
तेजस्वी यादव ने कहा कि आठ अक्टूबर को पटना में शहीद स्मारक स्थल से राजभवन तक लोकतंत्र बचाओ मार्च निकाला जाएगा। इसमें महागठबंधन के विधायक, विधान पार्षद और अन्य नेता शामिल होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि देशभर में लोकतंत्र बचाने के लिए होने वाली रैलियों के क्रम में पटना में भी बड़ी रैली आयोजित करने का निर्णय लिया गया है। बैठक में कांग्रेस, विकासशील इंसान पार्टी, सीपीआई, सीपीआई माले, सीपीआई एम, आईईपी और राजद के नेता मौजूद रहे। इनमें मुकेश सहनी, रामनरेश पांडेय, धीरेंद्र झा, अजय कुमार, आई.पी. गुप्ता, आलोक कुमार मेहता, कुमार सर्वजीत, रणविजय साहू, शक्ति सिंह यादव, एजाज अहमद, देव कुमार ज्योति और मो. हसनैन समेत अन्य नेता शामिल थे।

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