महिलाओं के हंगामे को शांत करने का प्रयास कर रही पुलिस।
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पोस्टर से तेज प्रताप गायब
इस रैली में जदयू अध्यक्ष ललन सिंह थे, लेकिन राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने वर्चुअल संबाेधन किया। रैली की तैयारी के लिए कई मंत्री पिछले 5 दिन से पूर्णिया में कैंप कर रहे हैं। इधर, रंगभूमि मैदान से लेकर पूरे पूर्णिया शहर को पोस्टर और बैनर पाट दिया गया है। हालांकि, कई बड़े-बड़े पोस्टर से राहुल गांधी की तस्वीर गायब दिखी। पोस्टरों मे राजद की ओर से लालू और तेजस्वी की तस्वीरें हैं, हालांकि रैली में शामिल होने के लिए लालू प्रसाद के बड़े बेटे मंत्री तेज प्रताप यादव भी उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के साथ आए।
पूर्णिया के रंगभूमि मैदान की ताजा तस्वीर।
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5 लाख भीड़ जुटाने का दावा
महागठबंधन के नेता 5 लाख भीड़ जुटाने का दावा कर रहे हैं। मंत्री सह धमदाहा विधायक लेसी सिंह ने दावा किया कि रंगभूमि मैदान में महारैली ऐतिहासिक होने वाली है। मंत्री सह कसबा विधायक आफाक आलम ने दावा किया कि रैली में 5 लाख लोग पहुंच रहे हैं। इधर, लोगों की सुविधा के लिए मैदान में करीब आधा दर्जन डिजिटल स्क्रीन लगाए गए हैं। जगह-जगह बैरिकैडिंग कर दी गई है। सभा स्थल पर मुख्य मंच 2800 स्क्वायर फीट बनाया गया है। कार्यक्रम कवरेज करने के लिए 6 क्रेन कैमरा लगाए गए हैं।
जानिए, कोसी-सीमांचल की राजनीतिक पिच का हाल
सितंबर 2022 में गृह मंत्री अमित शाह ने रंगभूमि मैदान से ही महागठबंधन के खिलाफ रैली की थी। उस वक्त इसे लोकसभा चुनाव 2024 से जोड़कर देखा गया था। इधर, महागठबंधन की सरकार बनने के बाद नीतीश-तेजस्वी पहली बार रैली कर रहे हैं। समीकरण की बात करें तो कोसी-सीमांचल में सहरसा, सुपौल, मधेपुरा, कटिहार, किशनगंज, अररिया, पूर्णिया समेत 7 जिले आते हैं। इसमें 36 विधानसभा क्षेत्र और 6 लोकसभा क्षेत्र है। इसमें से NDA के पास 11 और महागठबंधन के पास 26 सीटें हैं। विधानसभा चुनाव 2020 में JDU को 11 और BJP के पास 10 सीटों पर जीत मिली थी। वहीं RJD के खाते में 8, कांग्रेस और AIMIM 5-5 सीटें आई थी। हालांकि, कुछ समय बाद AIMIM के 4 विधायक RJD में चले गए थे। वहीं लोकसभा सीट की बात करें तो JDU के खाते में 4 सीट जबकि एक-एक सीट कांग्रेस और BJP के पास है।