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जीतनराम मांझी ने हिलाई महागठबंधन की नाव, सीटों को लेकर खींचतान शुरू

Fri, 28 Dec 2018 04:34 PM IST
Shani Mishra चुनाव डेस्क, अमर उजाला, पटना
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जीतनराम मांझी
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जहां एक ओर एनडीए में बिहार की लोकसभा सीटों को लेकर डील तय हो चुकी है वहीं महागठबंधन में सीटों को लेकर खींचतान की स्थिति बनती दिख रही है। सीटों के बंटवारें से पहले ही मांझी ने प्रेशर पॉलिटिक्स शुरू कर दी है। ऐसे में महागठबंधन की नाव मांझी की वजह से डगमगाती दिख रही है। हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) सुप्रीमो व पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी महागठबंधन में तीन सीटों की मांग कर रहे हैं लेकिन उन्हें केवल एक सीट ही मिलती दिख रही है।
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राजग को सांपराज और महागठबंधन को नागराज कहा था 

जीतनराम मांझी सम्मान की तलाश में राजग से महागठबंधन में आए और अब महागठबंधन में खुद को फिट नहीं पा रहे हैं। मांझी का चुनाव लड़ना तय माना जा रहा है। महागठबंधन उन्हें गया और जमुई में से कोई भी सीट देने को तैयार है। मगर वह अपने अलावा दो और सीटों की मांग कर रहे हैं। उनकी मांग है कि दो सीटें महाचंद्र प्रसाद सिंह और वृषिण पटेल के लिए दी जाए। पटेल वैशाली की सीट चाहते हैं मगर यह सीट राजद के खाते में जाती दिख रही है। यहां से रघुवंश प्रसाद सिंह चुनाव लड़ सकते हैं। इन दोनों की सीट पर पेंच फंसता दिख रहा है।

महागठबंधन में कुशवाहा और साहनी की एंट्री से सीटों की किल्लत 

एनडीए से महागठबंधन में आए उपेंद्र कुशवाहा और मुकेश साहनी की पार्टी के आने से मांझी के कोटे की सीटों में कटौती पक्की है। इनके आने से पहले महाचंद्र सिंह का नाम मुंगेर के लिए चल रहा था। मगर अब यह सीट सीट रालोसपा के खाते में जा सकती है। महराजगंज सीट पर भी रालोसपा की नजर है। राजद में यह सीट पूर्व सांसद प्रभुनाथ सिंह के कोटे की है। सजायाफ्ता होने के कारण प्रभुनाथ सिंह खुद नहीं लड़ सकते मगर माना जा रहा है कि उम्मीदवार का चयन उनकी मर्जी से ही होगा।
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बहरहाल महागठबंधन इसलिए भी निश्चिंत नजर आ रहा है क्योंकि एनडीए में मांझी की एंट्री की कोई उम्मीद नहीं है। महागठबंधन के नेता सब कुछ ठीक होने का दावा कर किसी भी विवाद के होने से इंकार कर रहे हैं।
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