राष्ट्रीय जनता दल के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव के बेटे तेजप्रताप यादव और थाना प्रभारी के बीच गर्मागर्मी का मामला सामने आया। थाना प्रभारी पर भड़के तेजप्रताप ने अपने समर्थकों के साथ थाने का घेराव किया। तेजप्रताप ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि बिहार में अब थानेदार रंगदारी बतियाने लगे हैं।
इस मामले में खास बात यह भी है कि मामा साधु यादव अपने भांजे के साथ सार्वजनिक तौर पर खड़े नजर आए। तेजप्रताप यादव और थाना प्रभारी के बीच मामला तब फंसा, जनता अदालत में आए हत्या के एक मामले में फरियादी की गुहार पर तेजप्रताप ने पटना के फुलवारी थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर कैसर आलम से फोन पर बात की।
यह है पूरा मामला
दरअसल यह मामला दहेज के लिए पत्नी को जलाकर मार डालने का था। इस मामले की फरियाद को लेकर आई मृतक की बहन तेजप्रताप के जनता दरबार में पहुंची थी। फरियाद सुनकर तेजप्रताप ने फुलवारी थाने के थाना प्रभारी से एफआइआर दर्ज नहीं करने की वजह पूछी तो इस पर थाना-प्रभारी ने कहा कि जब मर्जी होगी, तब एफआइआर दर्ज करेंगे।
थानेदार की बातों को सुनकर तेजप्रताप नाराज हो गए और पुलिस-प्रशासन पर भड़क उठे। तेजप्रताप अपने समर्थकों को लेकर सीधे फुलवारी थाना पहुंचे। तेजप्रताप ने पुलिस स्टेशन में केस दर्ज करवाया। बता दें कि तेजप्रताप यादव बीते कुछ दिनों से जनता दरबार लगाकर लोगों की समस्याएं सुन रहे हैं।
उन्होंने थानेदार के बर्ताव को जनप्रतिनिधि के लिए अपमानजनक बताया। इसके साथ थानेदार को पद से निलंबित करने की मांग की। तेजप्रताप ने कहा कि देश में पुलिस हो या पब्लिक, कानून सबके लिए एक जैसा होता है। लेकिन अब बिहार पुलिस के थानेदार रंगदारी बतियाने लगे हैं।
साधु यादव भी आए
इस घटना से भड़के तेजप्रताप ने जब फुलवारी थाने पहुंचे तो उनके साथ वहां मामा साधु यादव भी पहुंचे थे । उन्होंने कहा कि वे तेजप्रताप के साथ हैं। वहां पहुंचे मामा ने कहा कि अगर कोई किसी से बदतमीजी से कोई पेश आएगा तो उस पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।