नेता प्रतिपक्ष विजय कुमार सिन्हा
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लोकसभा चुनाव के नजदीक आते ही सीतामढ़ी में एक बार फिर माता जानकी की जन्मस्थली को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। जहां पहले नीतीश कुमार की कैबिनेट ने सीता जन्मस्थली के पुनर्विकास का शिलान्यास किया है।
वहीं, सीतामढ़ी पहुंचे बिहार विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष विजय सिन्हा ने नीतीश सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि 33 वर्षों से बिहार में नीतीश और लालू का राज है। लेकिन दोनों नेताओं ने अब तक माता जानकी की जन्मस्थली को लेकर कोई काम नहीं किया है। लोकसभा चुनाव आते ही मुख्यमंत्री को माता जानकी की याद आने लगी। उन्होंने कई घोषणाएं कर दीं। लेकिन सनातन की संतानों के लिए उन्होंने अब तक कोई ऐसा काम नहीं किया है, जिससे यह आम लोगों को लगे कि सरकार के द्वारा कोई काम किया गया है।
दरअसल, बिहार विधानसभा के विपक्ष के नेता विजय सिन्हा ने सीतामढ़ी के पुनौरा धाम पहुंचकर दर्शन किए और पत्रकार सम्मेलन को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से बार-बार प्रस्ताव मांगने के बाद भी मंदिर के विकास के लिए राज्य सरकार की ओर से प्रस्ताव नहीं भेजा गया। जब भव्य राम मंदिर बन सकता है तो माता सीता की जन्मस्थली सीतामढ़ी में विशाल मंदिर का निर्माण क्यों नहीं हो सकता?
भाजपा नेता विजय सिन्हा ने कहा कि कहा कि मोदी है तो गारंटी है। अयोध्या की तर्ज पर ही सीतामढ़ी में माता सीता के भव्य मंदिर का निर्माण होगा। भगवान राम, मां जानकी के बिना अधूरे हैं। प्रतिपक्ष के नेता ने कहा कि बिहार सरकार की मानसिकता इसी से झलकती है कि सरकार के उप-मुख्यमंत्री पर्यटन मंत्री भी हैं और जब राजगीर महोत्सव होता है तो सरकार उस पर विशेष ध्यान देती है। लेकिन माता सीता की जन्मभूमि को लेकर सरकार गंभीर नहीं दिख रही। यहां देश के अन्य राज्यों से जो पर्यटक आते हैं, उनके लिए बस, ठहराव सहित अन्य सुविधाएं नदारद हैं।
विजय सिन्हा ने कहा कि अगर सरकार प्रस्ताव भेजेगी तो जल्द से जल्द अयोध्या की तरह भव्य मंदिर का निर्माण करवाया जाएगा। केंद्र सरकार ने कई दफा माता जानकी के मंदिर को निर्माण के लिए प्रस्ताव मांगा, लेकिन राज्य सरकार ने प्रस्ताव नहीं भेजा। अगर राज्य सरकार प्रस्ताव भेजती है तो अयोध्या की तर्ज पर ही भव्य मंदिर का निर्माण करवाया जाएगा।