कायस्थों का कहना है कि कथित राष्ट्रभक्त यह कहते हुए नहीं थकते कि कांग्रेस पार्टी ने राजेंद्र बाबू का अपमान किया है, लेकिन अब खुद इनके बारे में क्या कहें।
कायस्थ चित्रगुप्त सेना की प्रदेश कार्यकारिणी की एक बैठक जो कि सेना के संगठन सचिव अंजनि सिन्हा के कदमकुआं, पटना स्थित आवास पर आयोजित की गई, उसमें सभी पदाधिकारियों ने एक स्वर में कहा है कि अब मोदी और शाह, राजेंद्र बाबू का अपमान कर रहे हैं।
इस बार उन्होंने अगर राजेंद्र बाबू के समाधि स्थल पर आकर श्रद्धांजलि नहीं दी तो कायस्थ समाज पटना में अमित शाह के रोड शो और 15 मई को प्रधानमंत्री मोदी की पटना में होने वाली रैली में काले झंडे दिखाए जाएंगे। सेना के संगठन सचिव अंजनि सिन्हा और सेनाध्यक्ष पाण्डेय अखिलेश कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि यह कायस्थों के साथ-साथ सभी बिहारियों का अपमान हैं। अब यह अपमान बर्दास्त नही किया जाएगा।
भाजपा को सिर्फ कायस्थों का वोट चाहिए। इन्हें समुदाय के गौरव और मान-सम्मान से कोई लेना देना नहीं है। ये लोग कायस्थों के वोट लेकर जनप्रतिनिधि बनते हैं और बाद में कायस्थों को ही उनकी औकात बताने लगते हैं। कायस्थ सेना ने रविशंकर से आग्रह किया है कि वे मोदी और शाह को राजेन्द्र बाबू के समाधि स्थल पर लाकर श्रद्धांजलि दिलवाएं, अन्यथा काले झण्डे देखने के लिये तैयार रहें।
दिल्ली की तर्ज पर विकसित हो डॉ. राजेंद्र प्रसाद का समाधि स्थल
बिहार विद्यापीठ आश्रम के अध्यक्ष विजॉय प्रकाश का कहना है कि पटना स्थित समाधि स्थल को दिल्ली के राजघाट की तरह विकसित किया जाना चाहिए। प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद केवल बिहार के नहीं, बल्कि पूरे देश के राष्ट्रपति थे।
भाजपा यही बात नहीं समझ पा रही है। यहां पर राजेंद्र प्रसाद की जयंती पर कोई सरकारी कार्यक्रम आयोजित नहीं होता। हम लोग अपने पैसे से यहां एक म्यूजियम बना रहे हैं। इसमें राजेंद्र बाबू से जुड़ी वस्तुएँ रखी जाएंगी। इसमें भी सरकार कोई योगदान नहीं दे रही।