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अरब देशों से भी ज्यादा सख्त है बिहार में शराबबंदी का कानून

Fri, 01 Apr 2016 06:56 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
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तमाम विवादों और अगर-मगर के बीच आज से बिहार में शराबबंदी का कानून लागू हो गया। प्रथम चरण में देशी शराब पर पाबंदी लागू होगी, उसके बाद अगले चरण में अंग्रेजी शराब पर भी बैन लगाया जाएगा। आमतौर पर धारणा रही है कि जिन राज्यों में शराब बंदी का प्रयोग लागू किया गया वहां यह बहुत ज्यादा सफल नहीं रहा।
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लोगों के सामने हरियाणा, आंध्र प्रदेश, मिजोरम और तमिलनाडु का उदाहरण मौजूद है ही गुजरात में भी शराब बंदी की व्यवस्‍था पर लगातार सवाल उठते रहे हैं। इस बात का एहसास शायद बिहार की नीतीश सरकार को भी है। यही कारण है कि सरकार ने अपने इस नियम को लागू करवाने के लिए घोषणा के बावजूद भी चार-पांच महीने का समय ले लिया।

बीते बुधवार को बिहार विधानमंडल ने बिहार उत्पाद (संशोधन) विधेयक 2016 को सर्वसम्मति से पारित कर दिया था। जिसमें शराबबंदी को सफल बनाने के लिए कानून में कई बदलाव किए गए हैं। ये कानून इतने सख्त हैं कि एक बार शराब के सिलसिले में पकड़ा गया व्यक्ति लंबे समय तक जेल की हवा ही फांकता रह जाएगा।
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आइए डालते हैं उन बदलावों पर एक निगाह

विधेयक के अनुसार पहले चरण में देशी शराब की सभी और ग्रामीण इलाकों में चलने वाली देशी-अंग्रेजी दोनों की दुकानें बंद होंगी। फिलहाल शहरी क्षेत्रों के चुनिंदा इलाकों की करीब 650 सरकारी दुकानों में विदेशी शराब बेची जाएगी, जबकि पटना नगर-निगम क्षेत्र में शराब बेचने के लिए 90 सरकारी दुकानें खोली जाएंगी।

एक बार देशी शराब पर पूरी तरह पाबंदी लगने के बाद छह महीने बाद अगला चरण लागू होगा। जिसमें अंग्रेजी शराब की बिक्री पर भी पूरी तरह प्रतिबंध लागू कर दिया जाएगा। 

स्वास्थ्य विभाग की ओर से सभी जिलों में 50 बेड वाला डिएडिक्शन सेंटर (नशा मुक्ति केंद्र) खोलने की योजना है। यहां खास तौर पर प्रशिक्षित डाक्टर तैनात किए जाएंगे, इन केंद्रों पर ज़रूरी दवा के साथ-साथ काउंसिलिंग का भी इंतजाम रहेगा।

शराब की तस्करी रोकने के लिए भी सरकार पूरी तरह मुस्तैद दिख रही है। इसलिए शराब बनाने के लिए कच्चा माल और तैयार शराब की ढुलाई करने वाले टैंकरों में जीपीएस सिस्टम से लैस डिजिटल लॉकर लगाना जरूरी कर दिया गया है। सूबे से होकर दूसरे राज्यों में जाने वाले ऐसे वाहनों का टैंक बिहार में प्रवेश करते ही लॉक कर दिया जाएगा जिसे पड़ोसी राज्य की सीमा पर ही खोला जा सकेगा। इन वाहनों के लिए चौबीस घंटे के अंदर बिहार की सीमा से निकलना भी जरूरी होगा।
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कानून में ये किया गया बदलाव

शराब बंदी लागू होने के बाद सबसे ज्यादा समस्या आती है इसके अवैध व्यापार की। शराब पर बैन लगने के कारण कच्ची और जहरीली शराब का व्यापार खूब फल फूलता है इसलिए सरकार ने इसकी ही कमर तोड़ने की तैयारी कर ली है। कानून में किए गए बदलावों के तहत जहरीली शराब बेचने वालों के लिए सजा ए मौत की व्यवस्‍था की गई है। 

जहरीली शराब पीने के कारण दिव्यांग होने पर या कोई अंग भंग होने पर दोषियों को उम्रकैद की सजा दी जाएगी। 

इसके अलावा सरकार ने चोरी छिपे शराब पीने वालों पर भी लगाम कसने की तैयारी की है। घर में शराब पार्टी करने पर दस साल की सजा हो सकती है।

जबकि सावर्जनिक स्‍थल पर शराब पीते पकड़े गए तो दस साल के लिए जेल के अंदर जाना पड़ सकता है। 

चोरी छिपे शराब का कारोबार करने वालों पर भी सरकार की गाज गिरेगी। 

अगर कोई शराब बेचता या ले जाता पकड़ा जाएगा तो उसकी संपति जब्त कर ली जाएगी।
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