मोहन भागवत और लालू प्रसाद यादव।
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राष्ट्रीय जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने एक बार फिर आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत पर निशाना साधा है। उन्होंने दशहरा के मौके पर संघ प्रमुख द्वारा दिए गए भाषण को लेकर उन पर पलटवार किया है। आरएसएस की दशहरा रैली में भागवत के बयान पर नाराजगी जताते हुए लालू प्रसाद यादव ने अपने ट्वीट में संघ प्रमुख मोहन भागवत को नफरत फैलाने वाला सज्जन बताया।
संघ प्रमुख के बयान पर राजद सुप्रीमो ने जताई नाराजगी
राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने अपने ट्वीट में लिखा कि जब जब आरएसएस-बीजेपी अपनी ही बेफिजूल की बातों में फँसती है तो नफ़रत फैलाने वाले सज्जन बिन मांगे ज्ञान बांटने चले आते है।
इतना ही नहीं बिना नाम लिए पीएम मोदी पर भी लालू यादव ने निशाना साधा। उन्होंने परोक्ष रूप से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2014 के चुनावी वादे का जिक्र करते हुए अपने ट्वीट में यह भी लिखा कि 'आरएसएस की ठग विद्या से प्रशिक्षित एवं संघ की महाझूठी, महाकपटी पाठशाला से निकले जुमलेबाज विद्यार्थी ही सालाना दो करोड़ नौकरी प्रतिवर्ष देने का वादा कर वोट बटोरते है?'
राजद सुप्रीमो की ये प्रतिक्रिया संघ प्रमुख की उस बयान पर आई है जिसमें उन्होंने कहा था कि कि किसी भी समाज में, केवल 10, 20 या 30 प्रतिशत लोगों को सार्वजनिक और निजी क्षेत्रों में नौकरी मिलती है। उन्होंने यह भी पूछा कि नौकरियों के लिए इतनी हाथापाई होने पर कितने लोगों को समायोजित किया जा सकता है। मोहन भागवत ने आगे कहा कि इन 10, 20 या 30 प्रतिशत लोगों के अलावा बाकी सब को अपना काम करना पड़ता है। गौरतलब है कि मोहन भागवत के इस बयान को नरेंद्र मोदी सरकार के नौकरी और रोजगार के बीच अंतर करने के रुख के अप्रत्यक्ष समर्थन के रूप में देखा जा रहा है।
जदयू ने भी साधा निशाना
राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत के स्वरोजगार वाले बयान को लेकर राजद सुप्रीमो के साथ ही सत्ता में उनकी सहयोगी पार्टी जदूय ने भी तंज कसा है। जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह ने इसे लेकर केन्द्र सरकार पर हमला किया है। उन्होंने कहा कि देश में सिर्फ दो कारपोरेट व्यक्तियों को लाभ दिया जा रहा है। केंद्र सरकार पर महिला और गरीब सवर्ण विरोधी होने का आरोप भी उन्होंने लगाया।