रोहिणी आचार्य आज फिर से सुर्खियों में हैं। वह आज सिंगापुर से पटना पहुंची हैं। अपनी लाडली बेटी को रिसीव करने के लिए लालू प्रसाद खुद एयरपोर्ट पहुंचे। रोहिणी ने पत्रकारों के कुछ सवालों का भी जवाब दिया। आइये जानते हैं पूरा मामला...
राष्ट्रीय जनता दल के प्रमुख लालू प्रसाद यादव की बेटी और सारण लोकसभा से चुनाव लड़ चुकीं रोहिणी आचार्य करीब 11 महीने बाद पटना पहुंचीं। गुरुवार शाम जब वह पटना एयरपोर्ट पर पहुंचीं तो उन्हें घर ले जाने के लिए खुद लालू प्रसाद भी पहुंचे थे। उनके साथ पूर्व सीएम राबड़ी देवी और सांसद मीसा भारती भी थीं। माता पिता से आशीर्वाद लेकर रोहिणी परिवार के साथ कौटिल्य नगर स्थित आवास के लिए रवाना हो गईं।
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इधर, पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने साफ कहा कि वह अपने पापा के बुलावे पर मायके आईं हैं। इस यात्रा को राजनीतिक नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने साफ कहा कि मैं कई महीनों बाद पटना आई हूं आपलोग राजनीतिक रंग मत दीजिए। उन्होंने कहा कि पापा ने बुलाया था, इसलिए उनसे मिलने आई हूं। पार्टी नेताओं से मुलाकात के सवाल पर रोहिणी ने कहा कि कई भाई उन्हें रिसीव करने पहुंचे हैं।
दो दिन पहले सोशल मीडिया पर दिया था पटना आने का संकेत
रोहिणी आचार्य ने पटना आने से दो दिन पहले ही सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए अपनी यात्रा का संकेत दिया था। उन्होंने लिखा था कि उनके लिए पिता की खुशी और उनका आशीर्वाद सबसे ऊपर है। पिता के बुलावे को उन्होंने आदेश बताते हुए जल्द पटना आने और बेटी होने का फर्ज निभाने की बात कही थी।
पटना आने से पहले रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर निशाना साधा। उन्होंने बाढ़ प्रभावित इलाके के दौरे को लेकर मुख्यमंत्री की आलोचना की। रोहिणी ने आरोप लगाया कि बाढ़ के कारण लोग मुश्किल हालात में हैं, जबकि मुख्यमंत्री के दौरे में प्रोटोकॉल और दिखावे पर ज्यादा जोर नजर आया। उन्होंने पोस्ट में यह भी सवाल उठाया कि आपदा के समय बाढ़ प्रभावित लोगों के बीच जाकर वास्तविक स्थिति देखने के बजाय मुख्यमंत्री का दौरा किस तरह किया जा रहा है। रोहिणी ने इसे बाढ़ पीड़ितों की परेशानियों के बीच संवेदनहीनता बताते हुए मुख्यमंत्री पर तीखी टिप्पणी की।