पटना में आयोजित परिवर्तन रैली में बिहार के पूर्व सीएम और राष्ट्रीय जनता दल प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने अपने भाषण में बीजेपी को आरएसएस का तोता बताया और नीतीश कुमार को तानाशाह कहा। लाल कृष्ण आडवाणी और नरेंद्र मोदी को उन्होंने अवसरवादी बताया।
उन्होंने कहा कि बीजेपी और आरएसएस की गोद में बैठकर नीतीश सत्ता चला रहे हैं। नीतीश को ललकारते हुए लालू बोले कि माला पहनाने वाली जनता जूते भी मारती है।
उन्होंने कहा कि बिहार में चारों ओर घूसखोर और भ्रष्टाचारी हैं और नीतीश ने बिहार के साथ धोखा किया है। यहां की शिक्षा व्यवस्था चौपट हो गई है।
नीतीश शासन पर हल्ला बोलते हुए लालू ने कहा कि बिहार में अत्याचार और बलात्कार बढ़ा है। उन्होंने कहा कि उनके राज में रेप नहीं होता था।
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लालू ने अल्पसंख्यकों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि बिहार में अल्पसंख्यक सुरक्षित नहीं हैं। उन्होंने बिहार के विकास के बारे में कहा कि आज जो भी काम दिखाई दे रहे हैं वह आरजेडी शासनकाल में हुए हैं। बिहार के अफसरों पर सवाल उठाते हुए कहा कि अफसरशाही किसी की नहीं सुनती।
उन्होंने बिहार के युवाओं को राजनीति में आगे आने को कहा और वादा किया कि अगले चुनाव में वह 50% सीट नौजवानों को देंगे।
लालू की परिवर्तन रैली में हजारों आरजेडी समर्थक आए। इस रैली के माध्यम से लालू अपने दोनों बेटे, तेजप्रताप और तेजस्वी को राजनीति में लॉन्च कर रहे हैं।
एक चैनल से बात करते हुए लालू के दोनों बेटों ने कहा कि बिहार के युवा लालू को अगले सीएम के रूप में देखना चाहते हैं। दोनों ने यह भी कहा कि बिहार में इस परिवर्तन के लिए वह अपने पिता का साथ देंगे।