सहरसा सदर अस्पताल में एक बार फिर चिकित्सकीय लापरवाही का गंभीर मामला सामने आया है। 45 वर्षीय महिला प्रमिला देवी की शनिवार अहले सुबह इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर गलत इंजेक्शन लगाने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। उनका कहना है कि डॉक्टर ने महिला की मेडिकल हिस्ट्री देखे बिना ही इंजेक्शन लगा दिया, जिसके कुछ ही देर बाद उनका निधन हो गया। गुस्साए परिजन सिविल सर्जन से मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग कर रहे हैं। मृतका महिषी थाना क्षेत्र के मैना वार्ड 6 निवासी सहदेव ठाकुर की पत्नी प्रमिला देवी थीं। उनके पीछे दो बेटे और तीन बेटियां हैं।
खांसी की शिकायत पर भर्ती
आरोप- ड्यूटी से गायब थी नर्स, बिना जांच के लगा इंजेक्शन
रामनाथ ठाकुर ने कहा कि शनिवार अहले सुबह करीब 4 बजे प्रमिला की तबीयत अचानक बिगड़ गई। मदद के लिए नर्स को ढूंढा गया, लेकिन वह अपनी ड्यूटी पर नहीं मिली। इसके अलावा, मरीज की मेडिकल हिस्ट्री वाली फाइल भी बिस्तर के पास से गायब थी। घबराए परिजन प्रमिला को तुरंत इमरजेंसी वार्ड में ले गए। वहां डॉक्टर ने बिना मेडिकल हिस्ट्री देखे ही इंजेक्शन लगाया, जिसके कुछ ही मिनटों बाद उनकी मौत हो गई।