दो महीने से ट्रैफिक पुलिस के दफ्तर के चक्कर काट रहे मो. अफरोज आलम
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सुपौल में इन दिनों ट्रैफिक पुलिस की चुस्ती आम लोगों के लिए जी का जंजाल बना हुआ है। मतलब नियम टूटा और ट्रैफिक पुलिस की नजर पड़ी नहीं कि कुछ देर बाद मोबाइल पर ई-चालान का मैसेज पहुंच जाता है। लेकिन ई-चालान की इसी व्यवस्था ने अब लोगों को हलकान करना भी शुरू कर दिया है। ताजा मामला सुपौल के त्रिवेणीगंज पथ निर्माण विभाग में निम्न वर्गीय लिपिक मो. अफरोज आलम से जुड़ा हुआ है। अफरोज सोमवार को अपनी बाइक का प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र बनवाने जिला मुख्यालय पहुंचे थे। लेकिन उनका प्रमाण पत्र केवल इसलिए नहीं बन पाया, क्योंकि उनकी बाइक पर पहले से एक लाख एक हजार रुपये का चालान बकाया है।
एक हजार की जगह कटा एक लाख से ज्यादा का चालान
मूल रूप से दरभंगा जिला निवासी अफरोज ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2014 में यह बाइक करीब 65 हजार रुपये में खरीदी थी। वह फिलहाल किशनपुर प्रखंड क्षेत्र के कदमपुरा स्थित अपने ननिहाल में रहते हैं। बीते चार अगस्त की शाम करीब पांच बजे वह अपने ननिहाल से कुछ खरीददारी के लिए जिला मुख्यालय आ रहे थे। इस दौरान शहर के डिग्री कॉलेज चौक के पास ट्रैफिक पुलिस की एक टीम वाहनों की जांच कर रही थी। पुलिस टीम ने बिना हेलमेट के बाइक चला रहे अफरोज की एक तस्वीर ली और बताया कि एक हजार रुपये का चालान किया गया है। लेकिन कुछ दूर निकलने पर जब अफरोज के मोबाइल पर चालान का मैसेज आया तो उनके पसीने छूट गए। दरअसल, यह चालान एक हजार नहीं, बल्कि एक लाख एक हजार रुपये का था। तब से लेकर अफरोज अब तक ट्रैफिक थाने के चक्कर लगा रहे हैं। लेकिन उनका चालान सही नहीं हो पा रहा है।
दो महीनों से केवल तारीख ले रहे हैं ट्रैफिक थानाध्यक्ष
अफरोज ने बताया कि चालान की जानकारी मिलने के कुछ देर बाद ही वह तत्काल पुरानी पुलिस लाइन परिसर स्थित ट्रैफिक थाना पहुंचे और अपनी शिकायत दर्ज कराई। उस वक्त उनके वाहन के सभी दस्तावेज अपडेट थे। वहां थानाध्यक्ष ने एक दो दिन में चालान सही होने का भरोसा दिलाया। लेकिन तब से लेकर अब तक कई बार चक्कर लगाने के बावजूद कोई हल नहीं निकल पाया है। बताया जा रहा है कि यह चालान ट्रैफिक थाने के एसआई कृष्णबली सिंह द्वारा किया गया है। उसमें बिना हेलमेट बाइक चलाने पर एक हजार रुपये, जबकि परिवहन एक्ट की अलग-अलग धाराओं में कुल एक लाख रुपये का जुर्माना दर्शाया गया है।
‘कोई पहाड़ तो नहीं उलट गया, परिमार्जन होगा’
इधर, जिला परिवहन पदाधिकारी शशि शेखरम ने इसे मानवीय भूल बताया। उन्होंने कहा कि आदमी ही एंट्री करता है, भूल हो जाती है। इसमें कोई पहाड़ तो नहीं उलट गया न। जिसने चालान किया होगा, उससे एंट्री करने में भूल हो गई होगी। चालान में परिवहन एक्ट की धारा का उल्लेख रहता है। उसी के अनुसार जुर्माने की वसूली होगी। एक्ट के प्रावधान से अधिक राशि चालान पर होगा तो उसका परिमार्जन हो जाएगा।
वहीं, ट्रैफिक एसडीपीओ कमलेश्वर कुमार ने कहा कि उन्हें मामले की कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर संबंधित व्यक्ति मुझसे मिलेंगे तो देखेंगे कि क्या है। जैसा होगा, सुधार किया जाएगा।