पार्षदों ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पर उठाए सवाल
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सुपौल में बीते शनिवार को नगर परिषद द्वारा चलाए गए अतिक्रमण मुक्ति अभियान को लेकर अब विवाद गहरा गया है। मुख्य पार्षद राघवेंद्र झा सहित कई वार्ड पार्षदों ने कार्रवाई की टाइमिंग पर सवाल उठाते हुए प्रशासन की कार्यशैली पर नाराजगी व्यक्त की है।
‘ऐसा कदम उठाना पूरी तरह गैर-जिम्मेदाराना’
नगर परिषद की एक बैठक में मुख्य पार्षद ने कहा कि दीपावली जैसे त्यौहार के समय अतिक्रमण हटाने का निर्णय लेना गलत है। उन्होंने बताया कि इस कार्रवाई से छोटे दुकानदारों को नुकसान हुआ है, जो इस समय सड़कों पर अपनी रोजी-रोटी कमाते हैं। मुख्य पार्षद ने कहा कि ऐसा कदम उठाना पूरी तरह से गैर-जिम्मेदाराना है और इसे एक साजिश के रूप में देखा जा सकता है।
‘ईओ ने ही तय की थी कार्रवाई की टाइमिंग’
नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी देवर्षि रंजन ने बताया कि यह कार्रवाई सदर एसडीएम के निर्देश पर की गई थी। उन्होंने कहा कि उन्हें पहले से विरोध की आशंका थी, लेकिन पुलिस बल की मौजूदगी के कारण कार्रवाई को जारी रखना पड़ा। वहीं, एसडीएम इंद्रवीर कुमार ने स्पष्ट किया कि अतिक्रमण हटाने का अनुरोध कार्यपालक पदाधिकारी ने खुद किया था। कार्रवाई की टाइमिंग भी उन्होंने ही तय की थी।
व्यवसायियों ने जताया विरोध
शनिवार को जब अतिक्रमण मुक्ति अभियान शुरू हुआ, तो शहर के व्यवसायियों ने विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने सड़क जाम कर नारेबाजी की और प्रशासन से कार्रवाई की टाइमिंग पर सवाल उठाए। व्यवसायियों के विरोध के बाद प्रशासन को कार्रवाई रोकनी पड़ी। मुख्य पार्षद राघवेंद्र झा ने फोन पर व्यवसायियों से बात की और उन्हें आश्वस्त किया कि इस मुद्दे पर ध्यान दिया जाएगा।
मुख्य पार्षद ने सुझाव दिया कि भविष्य में ऐसे बड़े फैसले लेने से पहले सभी संबंधित पक्षों से राय ली जानी चाहिए। साथ ही सही समय का चयन किया जाना चाहिए। उन्होंने नगरवासियों को दीपावली की शुभकामनाएं भी दीं।