सुपौल जिले के निर्मली प्रखंड के उत्क्रमित मध्य विद्यालय हरिपुर में मध्याह्न भोजन (एमडीएम) योजना में गंभीर अनियमितता का मामला सामने आया है। विद्यालय में उपस्थित छात्रों की संख्या से तीन गुना अधिक हाजिरी दर्ज की गई। शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव (एसीएस) एस सिद्धार्थ के औचक निरीक्षण में यह गड़बड़ी उजागर हुई। इस पर विद्यालय प्रधान को कारण बताओ नोटिस जारी कर 24 घंटे में स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया गया है।
आशंका है कि प्रधानाध्यापक द्वारा फर्जी हाजिरी दिखाकर मध्याह्न भोजन योजना के तहत सरकारी राशि का दुरुपयोग किया जा रहा है।
प्रधानाध्यापक से जवाब तलब
प्रधानाध्यापक से स्पष्टीकरण मांगा गया है। उनसे तीन माह की दैनिक व्यय पंजी, चखना पंजी और अन्य संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है। डीपीओ ने कहा कि अगर प्रधानाध्यापक का जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया तो मध्याह्न भोजन योजना की राशि की रिकवरी की जाएगी। इसके साथ ही, इस मामले की विस्तृत रिपोर्ट जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) को भी भेजी गई है। डीईओ के स्तर से विभागीय कार्रवाई का निर्णय लिया जाएगा।
विद्यालय में बुनियादी सुविधाओं की कमी
निरीक्षण के दौरान पाया गया कि विद्यालय में न केवल एमडीएम का ससमय संचालन नहीं हो रहा है, बल्कि छात्रों के बैठने के लिए दरी या चटाई जैसी मूलभूत सुविधाओं का भी अभाव है। यह स्थिति विद्यालय प्रबंधन की लापरवाही को उजागर करती है। गौरतलब है कि इस घटना ने मध्याह्न भोजन योजना की पारदर्शिता और इसकी निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शिक्षा विभाग ने इस गड़बड़ी को गंभीरता से लेते हुए समयबद्ध कार्रवाई की बात कही है।