सहरसा जिले के पतरघट थाना क्षेत्र की जम्हरा पंचायत के भद्दी कला, वार्ड-14 में बुधवार की रात एक विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतका की पहचान माधव कुमार की पत्नी रागनी कुमारी (21 वर्ष) के रूप में हुई है, जो ढाई महीने की गर्भवती थी। मौत के बाद ससुराल वालों ने मायके वालों को इसकी भनक तक नहीं लगने दी और बुधवार रात करीब 10 बजे गुपचुप तरीके से शव का अंतिम संस्कार करने की तैयारी में जुट गए।
ऐन वक्त पर पहुंची पुलिस, धधकने से बची चिता
स्थानीय पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि पतरघट थाना क्षेत्र के बसबिट्टा के पास एक शव को बिना किसी कानूनी प्रक्रिया के गुपचुप तरीके से जलाया जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस की गाड़ी को आता देख अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहे ससुराल पक्ष के लोग शव को चिता पर ही छोड़कर वहां से भाग निकले। पुलिस ने तुरंत शव को अपने कब्जे में लिया और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद गुरुवार दोपहर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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ढाई महीने पहले ही हुआ था प्रेम विवाह
मृतका रागनी कुमारी के मायके वालों को जब पुलिस ने घटना की जानकारी दी, तो वे भागलपुर जिले के खरिक थाना क्षेत्र के पात्रटोला गांव से पतरघट थाने पहुंचे। थाना परिसर में रोती-बिलखती मां गुंजन देवी ने बताया कि रागनी का विवाह करीब ढाई महीने पहले ही माधव कुमार से हुआ था। माधव रिश्ते में रागनी का मौसेरा मामा लगता था। दोनों ने आपसी रजामंदी से प्रेम विवाह किया था।
दहेज के लिए हत्या और साक्ष्य मिटाने का आरोप
पीड़ित मां गुंजन देवी ने आरोप लगाया है कि उनकी बेटी की हत्या दहेज के लालच में की गई है। उन्होंने आशंका जताई कि ससुराल वाले बिना किसी को बताए शव का अंतिम संस्कार कर हत्या के सबूत मिटाने की कोशिश कर रहे थे। गुंजन देवी ने पुलिस प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपियों को कड़ी सजा देने की गुहार लगाई है। रागनी अपने माता-पिता की पांच बहनों और एक भाई में दूसरे स्थान पर थी। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की छानबीन कर रही है।