बिहार के सहरसा जिले के सदर थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक नाबालिग बालिका के साथ दुष्कर्म की जघन्य वारदात को अंजाम दिया गया। घटना की सूचना मिलते ही सहरसा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महज छह घंटे के भीतर मामले में संलिप्त तीन विधि-विरुद्ध बालकों को निरुद्ध कर अग्रतर कार्रवाई शुरू कर दी।
खेलने के बहाने एकांत में ले गए, फिर की दरिंदगी
जानकारी के अनुसार, पीड़िता को उसके ही गांव के तीन लड़के खेलने के बहाने बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गए। इसके बाद वे उसे एक सुनसान और एकांत स्थान पर ले गए, जहां बच्ची के साथ दुष्कर्म किया गया। घटना के बाद बदहवास हालत में मिली पीड़िता को तत्काल नजदीकी अस्पताल ले जाया गया। उसकी नाजुक स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया।
मां के फर्दबयान पर बीएनएस और पॉक्सो एक्ट में केस
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। पीड़िता की मां के फर्दबयान के आधार पर सदर थाने में भारतीय न्याय संहिता और पॉक्सो एक्ट की गंभीर धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक विक्रम सिहाग के निर्देश पर तत्काल एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया।
एफएसएल टीम ने घटनास्थल से जुटाए वैज्ञानिक साक्ष्य
वारदात के बाद वरीय पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का मुआयना किया। वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला की टीम को मौके पर बुलाया गया। टीम ने घटनास्थल से भौतिक नमूने और अन्य जरूरी साक्ष्य एकत्र किए। इसके बाद विशेष टीम ने ताबड़तोड़ छापेमारी करते हुए घटना में संलिप्त तीन विधि-विरुद्ध बालकों को महज छह घंटे के भीतर निरुद्ध कर लिया।
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'पीड़िता की पहचान उजागर न करें'
पुलिस प्रशासन ने मीडिया और आम लोगों से कानून का पालन करने की सख्त अपील की है। पुलिस ने कहा कि पीड़िता और उसके परिवार की गरिमा और निजता का पूरा ध्यान रखा जाए। किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पीड़िता की पहचान से जुड़ी जानकारी या कोई असत्यापित सूचना साझा न करें।