मधेपुरा के शंकरपुर थाना परिसर में सोमवार को एक युवती ने शौचालय में खुद को आग लगाकर आत्मदाह का प्रयास किया। घटना के बाद थाना परिसर में अफरा-तफरी मच गई। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने तत्काल आग बुझाकर युवती को शंकरपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे जननायक कर्पूरी ठाकुर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल रेफर किया गया। वहां भी हालत नाजुक रहने पर चिकित्सकों ने बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर भेज दिया। मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों के अनुसार युवती 30 से 40 प्रतिशत तक झुलस गई है। फिलहाल उसकी स्थिति गंभीर बनी हुई है।
गैंगरेप और पॉक्सो केस से जुड़ा है मामला
जानकारी के अनुसार मामला जनवरी 2026 में दर्ज गैंगरेप और पॉक्सो केस से जुड़ा है। युवती के पिता ने अपनी पुत्री के माध्यम से ग्रामीण रौशन कुमार एवं अन्य के विरुद्ध महिला थाना कांड संख्या 03/26 दर्ज कराया था। पुलिस ने मुख्य आरोपी रौशन कुमार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था तथा उसके खिलाफ आरोप पत्र भी समर्पित कर दिया गया था।
कोर्ट में बयान से पलटी युवती
हालांकि बाद में कोर्ट में दिए गए बयान में युवती प्राथमिकी में लगाए गए आरोपों से मुकर गई और कहा कि उसने पिता के दबाव में मामला दर्ज कराया था। उसने यह भी बताया कि वह रौशन कुमार से प्रेम करती है।
प्रेमी को जेल से छुड़ाना चाहती थी युवती
इलाज के दौरान युवती ने पुलिस को बताया कि वह रौशन कुमार को जेल से छुड़ाना चाहती थी, जिसे लेकर घर में अक्सर विवाद होता था। युवती के अनुसार उसके पिता और भाई ने उसके साथ मारपीट की। उसने आरोप लगाया कि उसके मुंह में दुपट्टा ठूंस दिया गया और भाई ने उस पर डीजल छिड़क दिया।
स्थानीय लोगों ने पुलिस को दी सूचना
स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस उसे थाना लाई। थाना में पूछताछ के दौरान युवती काफी डरी और मानसिक रूप से परेशान दिख रही थी। युवती को डर था कि घर लौटने पर पिता और भाई उसकी हत्या कर सकते हैं।
शौचालय में लगाई आग
इसी दौरान युवती ने शौचालय जाने की बात कही। एक महिला पुलिसकर्मी उसे शौचालय तक लेकर गई। कुछ देर बाद अंदर से चीखने की आवाज आने लगी। पुलिसकर्मियों ने दरवाजा खोला तो देखा कि युवती के शरीर में आग लगी हुई है। तत्काल कम्बल और पानी की मदद से आग बुझाई गई और उसे अस्पताल पहुंचाया गया।
एएसपी ने क्या कहा?
एएसपी प्रवेंद्र भारती के अनुसार युवती ने बयान में आरोप लगाया है कि उसके पिता और भाई ने उसे मारकर रौशन कुमार के परिवार को फंसाने की साजिश रची थी। आरोप है कि दोनों उसे रौशन कुमार के घर के पीछे ले गए और शरीर पर डीजल छिड़क दिया, ताकि घटना को बदले की कार्रवाई साबित किया जा सके। हालांकि आसपास के लोगों की नजर पड़ने पर दोनों वहां से भाग गए।
एफएसएल टीम कर रही जांच
एसपी संदीप सिंह ने बताया कि मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एफएसएल टीम को बुलाया गया है। टीम ने घटनास्थल से मिट्टी समेत अन्य साक्ष्य जब्त किए हैं। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जांच के लिए विशेष टीम गठित की गई है और आगे आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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पुलिस दर्ज करेगी प्राथमिकी
पुलिस ने कहा है कि युवती नाबालिग है। यदि परिवार का कोई अन्य वयस्क सदस्य आवेदन देता है तो प्राथमिकी दर्ज की जाएगी, अन्यथा पुलिस स्वयं के बयान पर मामला दर्ज करेगी।