बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान अलग-अलग क्षेत्रों में बेहतर कार्य करने वाले 10 जिलाधिकारियों को इस बार राष्ट्रीय मतदाता दिवस पर सम्मानित किया जाएगा। यह सम्मान उन्हें बतौर जिला निर्वाचन पदाधिकारी चुनाव कार्य में योगदान के लिए प्रदान किया जाएगा। निर्वाचन विभाग के अपर सचिव सह उप मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी माधव कुमार सिंह ने इस बाबत पत्र जारी किया है। जारी पत्र में बताया गया है कि राज्य स्तरीय बेस्ट इलेक्टोरल प्रैक्टिस अवार्ड के लिए इन जिला निर्वाचन पदाधिकारियों का चयन किया गया है। सभी को पटना के सिंचाई भवन परिसर स्थित अधिवेशन भवन में 25 जनवरी को राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर आयोजित समारोह में सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने चयनित अधिकारियों से समारोह में शामिल होकर पुरस्कार राशि और प्रशस्ति पत्र प्राप्त करने का अनुरोध किया है।
इन निर्वाचन पदाधिकारियों को मिलेगा सम्मान
जिन जिला निर्वाचन पदाधिकारियों का इस पुरस्कार के लिए चयन हुआ है, उनमें भागलपुर डीएम डॉ नवल किशोर चौधरी, सुपौल डीएम सावन कुमार, भोजपुर डीएम तनय सुल्तानिया, सीतामढ़ी डीएम रिची पाण्डेय, नालंदा डीएम कुंदन कुमार, मुजफ्फरपुर डीएम, सुब्रत कुमार सेन, गया डीएम शशांक कुमार और जमुई डीएम नवीन शामिल हैं। इसके अलावा बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के दौरान अररिया के डीएम रहे और वर्तमान में सूचना एवं जनसंपर्क विभाग पटना के निदेशक अनिल कुमार तथा कटिहार डीएम रहे और वर्तमान में खनन विभाग पटना के निदेशक मनेश कुमार मीणा का नाम भी सूची में शामिल है।
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तीन श्रेणियों में किया गया है चयन
निर्वाचन विभाग की ओर से जारी पत्र के अनुसार पुरस्कार के लिए निर्वाचन पदाधिकारियों का चयन तीन श्रेणियों में किया गया है। इसमें भागलपुर, सुपौल, अररिया और कटिहार के निर्वाचन पदाधिकारियों का चयन मतदाता जागरूकता के अनूठे प्रयास के लिए किया गया है। वही भोजपुर, सीतामढ़ी और नालंदा के निर्वाचन पदाधिकारियों का चयन प्रशिक्षण और क्षमता वृद्धि के प्रयासों के आधार पर हुआ है। इसके अलावा मुजफ्फरपुर, गया और जमुई के निर्वाचन पदाधिकारी चुनाव प्रबंधन और लॉजिस्टिक्स के बेहतर उपयोग के लिए पुरस्कृत किया जाएगा।