सहरसा जिले के पतरघट थाना क्षेत्र अंतर्गत जम्हरा गांव में सोमवार को उस समय भारी बवाल हो गया, जब दो दिनों से बंधक बनाए गए एक टेम्पो चालक को रेस्क्यू करने पहुंची पुलिस टीम पर ग्रामीणों ने हमला कर दिया। उग्र भीड़ ने पुलिस पर पथराव किया, जिसमें पतरघट थानाध्यक्ष शशि कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए और उनका सिर फट गया। वहीं, भीड़ के चंगुल में फंसे चालक विकास कुमार को भी बेरहमी से पीटकर अधमरा कर दिया गया।
क्या है पूरा मामला
आरोप है कि इसके बाद रंजीत शर्मा और अन्य स्थानीय लोगों ने चालक विकास कुमार की जमकर पिटाई कर दी और उसे एक कमरे में बंधक बना लिया। पीड़ित की पत्नी के अनुसार, दबंगों ने फोन कर 5 लाख रुपये मुआवजे की मांग की और रकम नहीं देने पर विकास को छोड़ने से इनकार कर दिया।
ये भी पढ़ें- Bihar Politics : भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने पटना में बता दी आगे की तैयारी; अभिनंदन सभा में क्या-क्या बोले?
पुलिस पहुंचते ही भड़की भीड़
पुलिस द्वारा कानूनी कार्रवाई की बात कहने पर स्थिति और बिगड़ गई। उग्र भीड़ ने पुलिस टीम पर पथराव कर हमला कर दिया। हमले में थानाध्यक्ष शशि कुमार लहूलुहान हो गए। पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद घायल चालक विकास कुमार को रेस्क्यू कर पतरघट स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया।
सदर एसडीएम और एसडीपीओ ने संभाला मोर्चा
पुलिस पर हमले की सूचना मिलते ही सदर एसडीएम श्रेयांश तिवारी और सदर एसडीपीओ आलोक कुमार भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया।एसडीपीओ आलोक कुमार ने कहा कि पुलिस पर हमला करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। चालक के आवेदन के आधार पर आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है।