मधेपुरा में तीन साल पूर्व हुए दहेज प्रताड़ना और हत्या मामले में कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। एडीजे-9 के न्यायाधीश रघुवीर प्रसाद की अदालत ने सोमवार को आरोपी ससुर रविन्द्र यादव उर्फ रवेन यादव और उसके पुत्र मधु यादव उर्फ मधुवा को दोषी करार देते हुए 10-10 वर्ष की सश्रम कारावास की सजा सुनाई। साथ ही दोनों पर 30-30 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता जयनारायण पंडित ने बताया कि मृतका के पिता नवटोलिया वार्ड एक निवासी किशोर यादव ने मधेपुरा थाना में दर्ज प्राथमिकी में बताया था कि उन्होंने अपनी बेटी सुप्रिया की शादी दो वर्ष पहले मिठाई वार्ड-12 निवासी रविन्द्र यादव उर्फ रवेन यादव के बेटे मधु यादव से की थी। शादी में अपनी सामर्थ्य के अनुसार अच्छा उपहार दिया गया था। शादी के कुछ महीने बाद ही ससुरालवालों ने व्यवहार बदलना शुरू कर दिया। बेटी को एक बार गर्भवती होने के बाद बच्चा नहीं बचा, जिससे उसके साथ व्यवहार और खराब होता गया। इसके बाद ससुर रविन्द्र यादव, पति मधु यादव और सास लालमुनि देवी ने किशोर यादव से दो लाख रुपये ट्रैक्टर खरीदने के लिए और आधार कार्ड की मांग की।
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बेटी को मारकर लाश गायब करने की दी थी धमकी
जब पिता ने पैसे और आधार देने से इनकार किया तो आरोपियों ने धमकी दी कि आपकी बेटी को मार देंगे और लाश गायब कर देंगे। इसके बाद सुप्रिया अचानक लापता हो गई। दो महीने तक बेटी की कोई जानकारी नहीं मिलने पर परिजन उसे खोजते-खोजते चौरा गांव पहुंचे, जहां उसकी सास का मायका है। लेकिन वहां भी कोई जानकारी नहीं मिली। बाद में गांव के पास एक स्थान से सुप्रिया का अधजला शव बरामद किया गया। पुलिस जांच में स्पष्ट हुआ कि उसकी हत्या कर शव को जलाने की कोशिश की गई थी। मृतका के पिता ने बताया कि आरोपी रविन्द्र यादव पूर्व में भी आपराधिक मामलों में जेल जा चुका है।
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छह गवाहों के बयान के आधार पर सुनाई गई सजा
इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से कुल छह गवाहों का न्यायालय में परीक्षण कराया गया। गवाहों के बयान और पुलिस जांच रिपोर्ट के आधार पर अदालत ने रविन्द्र यादव और मधु यादव को दोषी करार दिया। न्यायाधीश रघुवीर प्रसाद की अदालत ने दोनों दोषियों को दस वर्ष की सश्रम कारावास की सजा सुनाई और 30-30 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। अर्थदंड अदा नहीं करने की स्थिति में अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।