मधेपुरा में आठ वर्ष पूर्व नाबालिग लड़की से दुष्कर्म के दोषी युवक रामकुमार गुप्ता को कोर्ट ने उम्र कैद और एक लाख रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। साथ ही एससी-एसटी एक्ट में दो वर्ष का अतिरिक्त कारावास की सजा सुनाई है। इस प्रकरण की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से कुल आठ गवाहों के बयान करवाए गए। जिला अपर न्यायाधीश-6 सह पॉक्सो कोर्ट के विशेष न्यायाधीश अभिषेक कुणाल की अदालत ने शुक्रवार को यह सजा सुनाई है।
इस बाबत स्पेशल पीपी विजय कुमार मेहता ने बताया, कुमारखंड प्रखंड क्षेत्र के एक गांव की नाबालिग ने कुमारखंड थाना क्षेत्र के मंगरवाड़ा निवासी अभियुक्त राम कुमार गुप्ता पर महिला थाने में जबरन दुष्कर्म की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। पीड़िता ने थाने में दिए आवेदन में बताया कि नौ दिसंबर 2017 को अपने घर से दक्षिण ओर खेत में घास काटने गई थी। जब घास काटकर शाम में लौट रही थी, तभी पीछे से रामकुमार गुप्ता ने मुझे पकड़ लिया।
पिस्तौल के बल जबरन किया था दुष्कर्म
जब मैं हल्ला करने लगी तो मेरा मुंह बंद कर दिया और खींचते हुए जंगल तक ले गया। जहां पिस्तौल निकाल कर मुझे जान से मारने की धमकी देते हुए मेरे साथ दुष्कर्म किया। उसके बाद मोटर साइकिल पर बैठाकर मुझे पूर्णिया ले गया। वहां एक सुनसान घर में रात भर मेरे साथ दुष्कर्म किया। बाद में किसी तरह मुझे अपने घर के पास छोड़ कर चला गया।
इस बाबत मेरे परिजनों ने पंचायत बैठाई। लेकिन सुनने के बजाए परिवार वालों को धमकी दिया गया। कोर्ट में पूरे मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से आठ गवाहों का परीक्षण करवाया गया। अदालत ने सभी पक्षों को सुनने तथा अंतिम सुनवाई के बाद शुक्रवार को रामकुमार गुप्ता को दोषी पाते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है।