जदयू नेता हत्याकांड का मुख्य साजिशकर्ता संतोष गुप्ता
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सहरसा में जदयू के कहरा प्रखंड अध्यक्ष जवाहर यादव की हत्या की साजिश में शामिल मुख्य साजिशकर्ता और शूटर को दस लाख की सुपारी देने वाला संतोष गुप्ता उर्फ कांचा ने न्यायालय में सरेंडर कर दिया। हालांकि पुलिस मामले में मुख्य साजिशकर्ताओं की गिरफ्तारी के लिए छापामारी कर ही रही थी।
दरअसल, बीते 16 अगस्त को प्रखंड अध्यक्ष की बरियाही बाजार में एक सैलून में दाढ़ी बनवाते समय दिनदहाड़े सिर में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उसके बाद जमीन विवाद में हत्या होने की बात सामने आई थी। पुलिस को संतोष गुप्ता और उसके भाई नरेश गुप्ता द्वारा साजिश रच कर दस लाख में अपराधी को सुपारी देने की सूचना मिली थी। उसके बाद से ही पुलिस इन दोनों भाइयों की गिरफ्तारी के लिए छापामारी कर रही थी। लेकिन वह पुलिस की गिरफ्त में नहीं आया और मौका देखते ही कोर्ट में सरेंडर कर दिया। दूसरे साजिशकर्ता की गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापामारी कर रही है।
पुलिस इस मामले में अब तक राजा कुमार, आशीष आनंद, रविराज, बालकिशन, ब्रजेश कुमार और अनिल यादव को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज चुकी है। मृतक जदयू नेता जवाहर यादव के बेटे पोपिन्द्र प्रभात ने बनगांव थाने में प्राथमिकी दर्ज करवाई थी।
उसमें उन्होंने बताया कि एनएच-108 से पूरब महादेव टोला से दक्षिण मौजा बनगांव में 16 कट्ठा जमीन खरीदने की बात उनके पिता जवाहर यादव ने की थी। आरोपियों ने जमीन न खरीदने की हिदायत देते हुए हत्या की धमकी दी थी। चार और आठ अगस्त को बनगांव थाना में मेरे पिता ने इन लोगों के खिलाफ सनहा भी दर्ज कराया था। इनमें से कुछ लोग उनके पिता के राजनीतिक दुश्मन भी हैं। गौरतलब है कि जवाहर यादव और साजिशकर्ताओं में शामिल नरेश गुप्ता पूर्व में एक ही जिला परिषद क्षेत्र से चुनाव लड़ चुके हैं। जवाहर यादव काड़ा से रिटायर्ड होने के बाद राजनीति में सक्रिय हुए थे।